मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत की भूमिका और सोच को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इसी माहौल में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद जगदंबिका पाल का बयान सामने आया है, जिसने न सिर्फ विदेश नीति बल्कि देश की सियासत में भी नई बहस छेड़ दी है। उनका साफ कहना है कि किसी भी युद्ध या तनाव का स्थायी समाधान केवल बातचीत और वार्ता से ही निकल सकता है। भारत हमेशा शांति, संयम और संवाद के पक्ष में रहा है और मौजूदा हालात में भी यही रास्ता सबसे बेहतर है।
युद्ध के दौर में भारत का स्पष्ट रुख
ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बीच सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि भारत दोनों देशों से संयम बरतने की अपेक्षा करता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चाहे यूक्रेन-रूस युद्ध हो या मिडिल ईस्ट का संकट, भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलित और संवाद आधारित रही है। उनका कहना था कि आज पूरी दुनिया में भारत और नरेंद्र मोदी की आवाज को गंभीरता से सुना जा रहा है। भारत किसी एक पक्ष में खड़ा होने के बजाय शांति का सेतु बनना चाहता है और यही उसकी वैश्विक पहचान बन चुकी है।
आतंकवाद पर दुनिया ने माना भारत का नजरिया
जगदंबिका पाल ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहले यह माना जाता था कि आतंकवाद सिर्फ भारत की समस्या है, लेकिन अब पूरी दुनिया ने स्वीकार कर लिया है कि यह एक वैश्विक चुनौती है। उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले लोगों को लगता था कि अगर युद्ध होगा तो उसका असर भारत या पड़ोसी देशों तक सीमित रहेगा, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। आतंकवाद और युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और इस मुद्दे पर कई देश भारत के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सुरक्षित भी है और वैश्विक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका भी निभा रहा है।
संसद से सड़क तक सियासी तकरार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर जगदंबिका पाल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ओम बिरला ने संसद के संचालन में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं और सभी दलों के सांसदों को बराबरी से बोलने का मौका दिया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लोकतांत्रिक चिंता नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी संसद में सनसनी फैलाने की राजनीति करते हैं। उनका उद्देश्य मुद्दों पर चर्चा से ज्यादा सुर्खियां बटोरना है।
‘पीएम मोदी पर हमला ही विपक्ष का एजेंडा’
अपने बयान के अंतिम हिस्से में जगदंबिका पाल ने विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करना है ताकि खबरों में बने रहें। चाहे राहुल गांधी हों, अरविंद केजरीवाल हों या अखिलेश यादव—सभी का लक्ष्य पीएम मोदी को निशाना बनाना है। लेकिन हर चुनाव में देश की जनता ही अंतिम फैसला देती है और बार-बार वही फैसला दोहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सबसे बड़ा सच है और उसी से राजनीतिक दलों की असली हैसियत तय होती है।
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