पंजाब के बटाला से सामने आए एक कथित प्री-वेडिंग शूट वीडियो ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पुलिसकर्मी सड़कों पर चेकिंग करते दिखाई देते हैं, लेकिन अचानक माहौल बदल जाता है और कैमरे के सामने सब कुछ किसी फिल्मी सीन जैसा नजर आने लगता है। इसी वीडियो को लेकर शिरोमणि अकाल दल के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब पुलिस और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की जगह अब पुलिस का इस्तेमाल “उत्सवों और शूटिंग” के लिए किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर प्री-वेडिंग शूट ही कराना था तो इसमें मुख्यमंत्री और डीजीपी को भी रोल दे देना चाहिए था। इस बयान के बाद मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया।
“CM और DGP को भी रोल मिलना चाहिए था” – मजीठिया का तीखा हमला
विक्रम सिंह मजीठिया ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पंजाब के इतिहास में पहली बार है जब पुलिस बल का नाम इस तरह के वीडियो से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस से अपराध पर लगाम लगाने की उम्मीद की जाती है, अगर वही पुलिस कैमरे के सामने सलामी देती नजर आए, तो जनता का भरोसा कैसे बचेगा। मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी तंज कसते हुए कहा कि “अस्थायी डीजीपी और मुख्यमंत्री, जो खुद गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, अगर इस वीडियो में शामिल हो जाते तो शायद वीडियो और ज्यादा चर्चित हो जाता।” उन्होंने मांग की कि बटाला मार्केट कमेटी के चेयरमैन माणिक मेहता और वीडियो में नजर आए सभी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए। मजीठिया के इस बयान ने विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा, क्यों भड़का विवाद?
वायरल वीडियो में कथित तौर पर इंस्पेक्टर सुरिंदर सिंह अपने स्टाफ के साथ सड़क पर चेकिंग करते नजर आते हैं। इसी दौरान एक महिला को रोका जाता है, लेकिन जैसे ही दुल्हन-दूल्हे की ओर से इशारा किया जाता है, महिला को छोड़ दिया जाता है और पुलिसकर्मी सलामी देते हुए दिखाई देते हैं। यही दृश्य सोशल मीडिया पर लोगों को चुभ गया। सवाल उठने लगे कि क्या कानून सबके लिए बराबर है या फिर कैमरा और रसूख आते ही नियम बदल जाते हैं। वीडियो सामने आने के बाद फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोगों ने पंजाब पुलिस की आलोचना शुरू कर दी। कई यूजर्स ने इसे “रील कल्चर” का नतीजा बताया, तो कुछ ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था के साथ मजाक है। देखते ही देखते यह वीडियो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बन गया।
पुलिस की सफाई और जांच, कार्रवाई के संकेत
विवाद बढ़ता देख पंजाब पुलिस को भी सामने आना पड़ा। पुलिस की ओर से डीएसपी तजिंदर सिंह ने बयान जारी कर बताया कि वीडियो में नजर आए इंस्पेक्टर सुरिंदर सिंह को थाने से हटाकर पुलिस लाइन्स भेज दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। डीएसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस सफाई के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ दिखावटी कार्रवाई है, जबकि आम लोग जानना चाहते हैं कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सच में रोक लगेगी। फिलहाल, बटाला का यह प्री-वेडिंग शूट वीडियो पंजाब की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
