उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान मैनपुरी जिले में सामूहिक नकल का ऐसा मामला सामने आया, जिसने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सोमवार को दूसरी पाली में गणित और जीव विज्ञान जैसे मुख्य विषयों की परीक्षा आयोजित थी। इसी दौरान बेवर थाना क्षेत्र स्थित स्व. महाराज सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, जोत के परीक्षा केंद्र के पीछे खाली खेत में सॉल्वर बैठकर उत्तर पुस्तिकाएं हल करते पकड़े गए।
एसटीएफ आगरा को पहले से ही इनपुट मिल चुका था कि इस केंद्र पर नकल कराने की संगठित तैयारी की गई है। जानकारी के आधार पर एसटीएफ इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह गोपनीय तरीके से मैनपुरी पहुंचे और भोगांव एसडीएम संध्या शर्मा के साथ संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। शाम करीब चार बजे टीम ने अचानक छापा मारा तो खेत में बैठकर कॉपियां लिखते लोग दिखाई दिए। मौके से गणित विषय की दो अधलिखी उत्तर पुस्तिकाएं और जीव विज्ञान का प्रश्नपत्र बरामद हुआ। यह साफ संकेत था कि परीक्षा केंद्र से पेपर और कॉपियां बाहर पहुंचाई जा रही थीं।
छह सॉल्वर गिरफ्तार, एक युवती समेत कई फरार
छापेमारी के दौरान अफरा-तफरी मच गई। टीम को देखकर एक युवती सहित छह लोग मौके से भाग निकले, जबकि छह सॉल्वर को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशीष, अनुज, अंकित, शिवम चौहान, अरुण कुमार और अवनीत के रूप में हुई है। सभी को हिरासत में लेकर बेवर थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
सूचना मिलते ही एएसपी सिटी अरुण कुमार सिंह, डीआईओएस सतीश कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि परीक्षा केंद्र के अंदर से ही उत्तर पुस्तिकाएं बाहर भिजवाई गई थीं। इस पूरे नेटवर्क में परीक्षा केंद्र के कुछ जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। फरार लोगों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि नकल माफिया परीक्षा प्रणाली को किस तरह चुनौती दे रहे हैं। मुख्य विषयों की परीक्षा होने के कारण पहले से ही निगरानी बढ़ाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद इतनी बड़ी साजिश का खुलासा होना प्रशासन के लिए चेतावनी है।
केंद्र व्यवस्थापक और स्टाफ पर भी गिरेगी गाज
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं केंद्र व्यवस्थापक की मिलीभगत से बाहर पहुंचाई गईं। डीआईओएस सतीश कुमार ने साफ कहा है कि परीक्षा केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है। केंद्र को डिबार करने और मान्यता प्रत्याहरण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
बाह्य केंद्र व्यवस्थापक संतोष कुमार और स्टेटिक मजिस्ट्रेट योगेश कुमार (पशुधन प्रसार अधिकारी) की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पूरे केंद्र स्टाफ को बदलने की तैयारी है। केंद्र व्यवस्थापक सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ तहरीर दी जा रही है।
यह भी सामने आया कि सुबह की पहली पाली में हाईस्कूल की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज, समान में भी एक छात्रा नकल करते पकड़ी गई थी। लगातार सामने आ रहे मामलों ने जिले में परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जिलाधिकारी बोले – नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई होगी
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि छह सॉल्वर हिरासत में हैं और उनके पास से दो अधलिखी कॉपियां तथा जीव विज्ञान का पेपर बरामद हुआ है। उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर संगठित नकल का मामला है और इसमें शामिल हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन छात्रों के पेपर प्रभावित हुए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच होगी। यदि यह साबित होता है कि छात्रों ने जानबूझकर इस नेटवर्क का सहारा लिया, तो उनके खिलाफ भी बोर्ड की नियमावली के अनुसार कार्रवाई होगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा में हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं और सरकार लगातार नकल रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठा रही है। बावजूद इसके, मैनपुरी की यह घटना दिखाती है कि कुछ लोग सिस्टम की खामियों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद जिले में परीक्षा व्यवस्था कितनी सख्त होती है और क्या नकल माफिया पर स्थायी लगाम लग पाती है।
