Thursday, February 19, 2026
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छठी बार मां बनी सीमा हैदर, तो हिंदू रक्षा दल ने कर दिया बड़ा ऐलान, सभी लोगों के उड़े होश

ग्रेटर नोएडा की सीमा हैदर ने छठा बच्चा जन्मा, हिंदू रक्षा दल ने पिंकी चौधरी के माध्यम से सम्मान देने का ऐलान किया। परिवार, समाज और कानून से जुड़े विवादों की पूरी जानकारी।

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ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में रहने वाली सीमा हैदर ने बुधवार को छठे बच्चे को जन्म दिया। परिवार में खुशियों का माहौल है और मां-बच्चा स्वस्थ है। सीमा का यह बच्चा उनके पति सचिन मीणा के साथ उनके परिवार का नया सदस्य है। इसके पहले सीमा और उनके पति के चार बच्चे पाकिस्तान से भारत लाए गए थे। स्थानीय अस्पताल से छुट्टी के बाद परिवार घर लौट आया।

इस जन्म ने ना सिर्फ परिवार में खुशी लाई बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से भी सुर्खियां बटोरीं। सीमा की कहानी में पाकिस्तानी मूल, भारत में निवास और छठे बच्चे की जन्म कहानी ने मीडिया और जनता का ध्यान खींचा।

हिंदू रक्षा दल का ऐलान और सम्मान विवाद

सीमा हैदर के छठे बच्चे के जन्म के बाद हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने परिवार को सम्मानित करने का ऐलान किया। उनका कहना है कि सीमा ने भारतीय सांस्कृतिक रीति-रिवाज अपनाए हैं और बड़े परिवार के साथ सामाजिक योगदान किया है।

पिंकी चौधरी ने पहले ही घोषणा की थी कि चौथे और पांचवे बच्चों पर पुरस्कार दिया जाएगा। अब छठे बच्चे पर भी सम्मान देने की योजना बनाई गई है। यह कदम समाज में बड़ा विवाद उत्पन्न कर रहा है क्योंकि कुछ लोग इसे सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।

नागरिकता और सामाजिक बहस

सीमा पाकिस्तानी नागरिक हैं और कुछ साल पहले नेपाल से भारत आई थीं। उनके भारत में जन्मे बच्चे और पाकिस्तानी मूल ने नागरिकता और सामाजिक अधिकारों पर बहस को जन्म दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के नागरिकता कानून के तहत माता विदेशी होने पर बच्चों की नागरिकता का मामला जटिल है। साथ ही, इस जन्म को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं, जिसमें संस्कृति, धर्म और परिवार नीति पर सवाल उठाए गए हैं।

संगठन की पृष्ठभूमि और भविष्य की चुनौतियां

हिंदू रक्षा दल पहले से ही विवादों में रहा है। संगठन के कई सदस्य कानून और सुरक्षा मामलों में चर्चा में रहे हैं। पिंकी चौधरी की घोषणा ने इस विवाद को और तेज कर दिया है। यह कदम केवल सम्मान देने का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह विवाद कैसे सुलझता है और क्या यह परिवार, संगठन और सामाजिक बहस पर स्थायी प्रभाव डालता है।

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