बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए सस्पेंड PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब SC/ST एक्ट को लेकर बड़ा और विवादित ऐलान कर दिया है। उन्होंने इस कानून को “काला कानून” बताते हुए इसे खत्म कराने के लिए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। अलंकार का कहना है कि अगर सरकार तय समय के भीतर संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस कानून पर फैसला नहीं करती, तो वह सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब वह प्रशासनिक सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए बिना किसी दबाव के अपनी बात देश के सामने रख रहे हैं। उनके मुताबिक SC/ST एक्ट के कारण सामान्य वर्ग, ओबीसी और कई अन्य समुदायों में डर और मानसिक तनाव का माहौल बना हुआ है। अलंकार का दावा है कि इस कानून के तहत दर्ज होने वाली 95 प्रतिशत से अधिक शिकायतें फर्जी होती हैं, जिससे निर्दोष लोगों को वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून के कथित दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाना है।
इस्तीफे के बाद पहली बार गृह जनपद में बोले
इस्तीफा देने और निलंबन के बाद पहली बार अपने गृह जनपद कानपुर पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि आंदोलन से पहले सरकार को सात दिन का समय दिया जाएगा। अगर इस अवधि में SC/ST एक्ट को खत्म करने के लिए संसद का विशेष सत्र नहीं बुलाया गया, तो देशभर से लोग दिल्ली की ओर कूच करेंगे। अलंकार ने दावा किया कि देश के छोटे-बड़े करीब डेढ़ से दो हजार संगठन पहले से ही उनके संपर्क में हैं और बिना किसी राजनीतिक पार्टी या औपचारिक संगठन के भी बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर इसलिए चुप हैं क्योंकि उन्हें जांच एजेंसियों का डर है। अलंकार के मुताबिक सांसद और विधायक जानते हैं कि अगर उन्होंने खुलकर विरोध किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में आम लोगों की बात को दबाया जा रहा है।
ED, CBI और इनकम टैक्स पर गंभीर आरोप
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इनकम टैक्स विभाग का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल डर और दबाव का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है, ताकि कोई भी जनप्रतिनिधि या प्रभावशाली व्यक्ति खुलकर सवाल न उठा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सिस्टम को रणनीतिक तरीके से हाईजैक कर लिया गया है और इसके जरिए राजनीतिक लाभ के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों को आमने-सामने खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। अलंकार के अनुसार सामान्य वर्ग और ओबीसी समाज, जिन्हें लंबे समय तक सत्ताधारी दल का आधार माना जाता रहा है, अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस टकराव की राजनीति से देश में असंतोष बढ़ रहा है और यही कारण है कि कई बड़े मुद्दों पर संसद और सड़कों पर अपेक्षित विरोध देखने को नहीं मिलता।
2027 चुनाव पर बड़ा दावा
अलंकार अग्निहोत्री ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनका कहना है कि अगर मौजूदा हालात में चुनाव कराए जाएं, तो केंद्र की मौजूदा सरकार को दहाई में भी सीटें मिलना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि जनता अब मौजूदा व्यवस्था से खुद को अलग कर चुकी है और इसका असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कोई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं, तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल उनका फोकस किसी पार्टी पर नहीं, बल्कि सिर्फ SC/ST एक्ट को खत्म कराने पर है। अलंकार ने कहा कि अगर लोकतांत्रिक तरीके से उनकी मांग मान ली जाती है, तो आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन अगर सरकार ने अनदेखी की, तो दांडी मार्च जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों की तर्ज पर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उनके मुताबिक यह लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं, बल्कि व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों की है, और वह इसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे।
