Budget 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा और युवाओं के भविष्य को केंद्र में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। इस बार बजट में खास तौर पर उन युवाओं को ध्यान में रखा गया है जो पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में आधुनिक कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। इन लैब्स में वीडियो प्रोडक्शन, एडिटिंग, एनिमेशन, ग्राफिक्स, गेम डिजाइन और डिजिटल स्टोरीटेलिंग से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि आज के दौर में यूट्यूब, गेमिंग और सोशल मीडिया केवल शौक नहीं बल्कि रोजगार का बड़ा साधन बन चुके हैं। ऐसे में स्कूल और कॉलेज स्तर से ही छात्रों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने से वे ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकेंगे। Budget 2026 कंटेंट क्रिएटर लैब योजना को युवाओं के डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव माना जा रहा है।
लाखों नौकरियों की उम्मीद
Budget 2026 में भारत के AVGC यानी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार के अनुसार 2030 तक इस क्षेत्र में लगभग 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए कंटेंट क्रिएटर लैब्स को AVGC आधारित ट्रेनिंग से जोड़ा जाएगा। छात्रों को स्कूल और कॉलेज में ही गेम डेवलपमेंट, 3D एनिमेशन, VFX और डिजिटल डिजाइन का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। इसके अलावा मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को भी सरकार की ओर से समर्थन देने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि देश में क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की पढ़ाई और रिसर्च को नई दिशा मिल सके। Budget 2026 कंटेंट क्रिएटर लैब पहल से न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि भारत को ग्लोबल डिजिटल कंटेंट हब बनाने में भी मदद मिलेगी।
इन चीजों पर भी बड़ा फोकस
इस बजट में सिर्फ डिजिटल क्रिएटर्स ही नहीं, बल्कि पूरे एजुकेशन सेक्टर को मजबूत करने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री ने पूर्वोत्तर भारत में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना का ऐलान किया है, जिससे इस क्षेत्र में डिजाइन शिक्षा और इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक रूप में आगे बढ़ाया जा सके। इसके अलावा छात्रों, तकनीकी पेशेवरों और विदेश में रह रहे एनआरआई जैसे छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना का प्रस्ताव भी दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता से सीधे जुड़ी हो। Budget 2026 कंटेंट क्रिएटर लैब जैसे फैसले इसी सोच को दर्शाते हैं।
मेडिकल टूरिज्म से लेकर डिजिटल इंडिया तक व्यापक योजना
Budget 2026 में हेल्थ और टूरिज्म सेक्टर को जोड़ते हुए मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने का भी बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के लिए राज्यों की मदद से देश में 5 रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। वहीं दूसरी ओर, कंटेंट क्रिएटर लैब्स जैसी योजनाएं डिजिटल इंडिया को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम करेंगी। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में शिक्षा, तकनीक और क्रिएटिविटी मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। Budget 2026 कंटेंट क्रिएटर लैब योजना को युवाओं के सपनों और नए भारत की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
