दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब झाड़ियों के बीच एक नाबालिग बच्चे का शव बरामद हुआ। शव की हालत बेहद भयावह थी और शरीर पर नुकीले हथियार से किए गए हमले के साफ निशान मौजूद थे। पुलिस को आशंका है कि बच्चे की बेरहमी से हत्या की गई है। सूचना मिलते ही शास्त्री पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कुछ ही देर में मृतक की पहचान 12 वर्षीय अल्तमश के रूप में हुई, जो पास के ही इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। बच्चे की स्कूल यूनिफॉर्म और आईकार्ड से उसकी पहचान की पुष्टि हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, झाड़ियों में पड़े शव को देखकर हर कोई सन्न रह गया। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत इकट्ठा किए। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया।
सौतेले पिता पर हत्या का आरोप
इस सनसनीखेज हत्या के पीछे जो कहानी सामने आई, उसने सभी को और ज्यादा झकझोर दिया। मृतक की मां मुमताज की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति और अल्तमश के सौतेले पिता वाजिद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। आरोप है कि वाजिद ने नुकीले हथियार से वार कर अल्तमश की जान ली और इसके बाद मां को वीडियो कॉल करके बच्चे का शव दिखाया। कॉल के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर कहा, “तेरे बच्चे को मार दिया है, जा झाड़ियों से उठा ले।” यह कहकर उसने कॉल काट दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने न सिर्फ हत्या की, बल्कि मां को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए वीडियो कॉल जैसा अमानवीय कदम भी उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
हत्या तक पहुंची कहानी
अल्तमश अपने परिवार के साथ शास्त्री पार्क इलाके में रहता था। परिवार में मां मुमताज, बड़ा भाई अमन, छोटा भाई वसी, बहन ईरम और सौतेला पिता वाजिद शामिल थे। परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में अल्तमश के पिता शफीक की मौत हो गई थी। इसके कुछ महीनों बाद मुमताज ने वाजिद से निकाह कर लिया। बताया जा रहा है कि वाजिद पहले से शादीशुदा था और पेशे से रिक्शा चालक है। परिवार का कहना है कि पिछले करीब एक सप्ताह से मुमताज और वाजिद के बीच लगातार झगड़े हो रहे थे। हालात इतने खराब हो गए कि मुमताज परेशान होकर अपनी बहन के घर रहने चली गई थी। इसी दौरान बच्चे वाजिद के साथ ही रह रहे थे। परिजनों का आरोप है कि पारिवारिक तनाव और आपसी विवाद के बीच ही यह खौफनाक वारदात अंजाम दी गई, जिसने एक मासूम की जिंदगी छीन ली।
‘चूहा दिखाने’ के बहाने ले गया
परिवार की सदस्य ईरम ने पुलिस को जो जानकारी दी, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। ईरम के मुताबिक, गुरुवार को अल्तमश और उसका छोटा भाई वसी रोज की तरह स्कूल गए थे। स्कूल की छुट्टी के समय सौतेला पिता वाजिद रिक्शा लेकर स्कूल पहुंचा और दोनों बच्चों को अपने साथ ले गया। वह उन्हें शास्त्री पार्क की लालबत्ती के पास लेकर गया। वहां उसने बड़े बेटे को रिक्शे में बैठा रहने को कहा और छोटे बेटे अल्तमश को यह कहकर झाड़ियों की ओर ले गया कि उसे चूहा दिखाएगा। करीब एक घंटे बाद वाजिद अकेला वापस लौटा। जब बड़े बेटे ने पूछा कि अल्तमश कहां है, तो उसने कहा कि वह घर चला गया है और तुम भी चले जाओ। शाम तक जब अल्तमश घर नहीं पहुंचा, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। अगली सुबह आरोपी ने वीडियो कॉल कर हत्या की जानकारी दी। जब परिवार बताए गए स्थान पर पहुंचा, तो झाड़ियों में अल्तमश का शव मिला। बच्चे के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे। पुलिस को आशंका है कि नुकीले हथियार और पत्थर से वार कर हत्या की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
