उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से जुड़ा एक मामला इन दिनों प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का कथित इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र के सामने आने के बाद जिले से लेकर लखनऊ तक हलचल मच गई है। हालांकि अब तक इस इस्तीफे को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वायरल पत्र में उठाए गए मुद्दों ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बना दिया है। बताया जा रहा है कि अलंकार अग्निहोत्री हाल के दिनों में भारत सरकार द्वारा जारी UGC रेगुलेशन्स 2026 को लेकर असहमति जता चुके थे, जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने फेसबुक अकाउंट पर भी व्यक्त किया था। इसके अलावा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े शिष्यों पर प्रयागराज माघ मेले के दौरान हुई कथित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी वे नाराज बताए जा रहे हैं। इन दोनों मुद्दों को जोड़कर ही उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही हैं।
UGC एक्ट और शंकराचार्य मामला, नाराजगी की बताई जा रही वजह
सूत्रों के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC रेगुलेशन्स 2026 को लेकर अपनी वैचारिक असहमति पहले ही जाहिर कर दी थी। सोशल मीडिया पर किए गए उनके पोस्ट में शैक्षणिक स्वतंत्रता और परंपरागत मूल्यों से जुड़े सवाल उठाए गए थे। वहीं दूसरी ओर प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ कथित मारपीट और प्रशासनिक सख्ती को लेकर भी वे असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। वायरल लेटर में इसी घटना का उल्लेख करते हुए स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं। यही वजह बताई जा रही है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सिविल सेवा से त्यागपत्र देने जैसा बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया। हालांकि यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह पत्र वास्तव में उन्होंने ही लिखा है या नहीं, क्योंकि प्रशासन की ओर से अब तक इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है।
वायरल लेटर में क्या-क्या लिखा, शिक्षा से सेवा तक का जिक्र
अलंकार अग्निहोत्री के नाम से वायरल हो रहे इस पत्र को राज्यपाल, मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त को संबोधित बताया जा रहा है। पत्र में लिखा गया है कि वे 2019 बैच के उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सिविल सेवा के राजपत्रित अधिकारी हैं और वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली के पद पर तैनात हैं। लेटर में उनके शैक्षणिक बैकग्राउंड का भी विस्तार से उल्लेख है, जिसमें IIT BHU से B.Tech की डिग्री प्राप्त करने और महामना मदन मोहन मालवीय के विचारों से प्रेरणा लेने की बात कही गई है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे रहे मूल्यों और सनातन परंपराओं से प्रेरित होकर वे अपने भाव प्रकट कर रहे हैं। UGC रेगुलेशन्स 2026 और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित घटना को पत्र में इस्तीफे की मुख्य वजह बताया गया है, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
मोबाइल बंद, पुष्टि नहीं, सवालों के घेरे में पूरा मामला
इस पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना रहा है सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का मोबाइल फोन बंद होना। बताया जा रहा है कि उनका मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे इस्तीफे को लेकर असमंजस की स्थिति और गहरा गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जब तक आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है और तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत वैचारिक असहमति बता रहे हैं तो कुछ इसे प्रशासन और सरकार के बीच बढ़ते मतभेद के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं, जो इस पूरे प्रकरण पर स्थिति साफ कर सकता है।
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