Friday, February 6, 2026
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बस घर ही तो लौट रहा था… सड़क पर लटके चाइनीज मांझे ने छीन ली 10वीं के छात्र की जिंदगी

Punjab News: लुधियाना के समराला में स्कूल से घर लौट रहे 10वीं के छात्र की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। परिवार का इकलौता बेटा था मृतक।

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पंजाब के लुधियाना जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। समराला क्षेत्र में 10वीं कक्षा के एक छात्र की चाइनीज मांझे की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक छात्र स्कूल की छुट्टी के बाद रोज की तरह मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जैसे ही वह समराला बाईपास के पास पहुंचा, सड़क पर लटक रहा बेहद खतरनाक चाइनीज मांझा अचानक उसकी गर्दन में फंस गया। मांझा इतना तेज था कि कुछ ही सेकंड में छात्र की गर्दन गंभीर रूप से कट गई। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि छात्र को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग सन्न रह गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

तेज मांझे ने काट दी गर्दन, मौके पर मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चाइनीज मांझा प्लास्टिक का था और बेहद पतला होने के कारण दिखाई भी नहीं दे रहा था। जैसे ही मांझा छात्र की गर्दन से टकराया, वह तेज धार की तरह शरीर में धंस गया। छात्र ने तुरंत बाइक रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत ज्यादा खून बह चुका था। राहगीरों ने तुरंत उसकी मदद के लिए शोर मचाया और एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सड़क से ऐसे खतरनाक मांझे हटाए जाते, तो शायद इस मासूम की जान बच सकती थी। कुछ लोगों ने घायल छात्र को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाने की भी कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। चाइनीज मांझे से हुए घाव ने कुछ ही मिनटों में उसे गंभीर स्थिति में पहुंचा दिया।

अस्पताल में टूटा परिवार का सहारा, इकलौते बेटे की मौत

घायल अवस्था में छात्र को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, गर्दन से अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी रही। डॉक्टरों के अनुसार, मांझा बेहद गहराई तक कट लगा चुका था, जिससे शरीर ने ज्यादा खून खो दिया। इलाज के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान तरनजोत सिंह के रूप में हुई है, जो 10वीं कक्षा का छात्र था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। तरनजोत के पिता हरचंद सिंह, जो गांव रौले के सरपंच भी हैं, ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में होशियार था और परिवार की सारी उम्मीदें उसी से जुड़ी थीं। बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

फिर उठी चाइनीज मांझे पर सख्त प्रतिबंध की मांग

इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर पंजाब में चाइनीज मांझे को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि खुलेआम चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। इससे पहले भी कई लोग, खासकर बच्चे और दोपहिया वाहन चालक, इस जानलेवा मांझे की चपेट में आ चुके हैं। लोगों ने मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही प्रशासन से यह भी अपील की गई है कि सड़कों और बिजली के तारों पर लटके मांझे को नियमित रूप से हटाने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपना इकलौता सहारा न खोना पड़े।

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