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बहुत कम लोग चुनते हैं ये पढ़ाई, लेकिन 12वीं के बाद करते ही खुल जाता है मोटी सैलरी का रास्ता!

स्पेस साइंटिस्ट कैसे बनें? जानिए 12वीं के बाद कौन-सी पढ़ाई करें, जरूरी सब्जेक्ट, एंट्रेंस एग्जाम, खर्च और सैलरी से जुड़ी पूरी जानकारी आसान शब्दों में।

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आज के समय में स्पेस साइंटिस्ट बनना लाखों युवाओं का सपना है। चांद, मंगल, रॉकेट, सैटेलाइट और अंतरिक्ष से जुड़ी रिसर्च लोगों को काफी आकर्षित करती है। भारत में ISRO जैसे संस्थानों ने इस फील्ड को नई पहचान दी है। जब भी कोई बड़ा मिशन सफल होता है, तो बच्चों और युवाओं में इस क्षेत्र को लेकर उत्साह बढ़ जाता है। हालांकि, स्पेस साइंटिस्ट बनना आसान नहीं होता। इसके लिए सिर्फ सपना देखना काफी नहीं है, बल्कि सही पढ़ाई, सही दिशा और लगातार मेहनत की जरूरत होती है। अच्छी बात यह है कि अगर सही समय पर तैयारी शुरू कर दी जाए, तो यह सपना हकीकत में बदला जा सकता है।

तैयारी कब और कैसे शुरू करें

स्पेस साइंटिस्ट बनने की तैयारी 10वीं के बाद से ही शुरू हो जाती है। जो छात्र इस फील्ड में जाना चाहते हैं, उन्हें 11वीं और 12वीं में साइंस स्ट्रीम चुननी चाहिए। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स सबसे जरूरी विषय होते हैं। खासतौर पर फिजिक्स और मैथ्स पर मजबूत पकड़ होना बहुत जरूरी है, क्योंकि स्पेस साइंस इन्हीं विषयों पर आधारित होती है। रॉकेट की गति, सैटेलाइट की कक्षा और अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं को समझने के लिए इन विषयों की गहरी जानकारी चाहिए। अगर स्कूल स्तर पर ही इन विषयों को अच्छे से पढ़ लिया जाए, तो आगे की पढ़ाई काफी आसान हो जाती है।

12वीं के बाद क्या पढ़ें और कहां से करें

12वीं पास करने के बाद स्पेस साइंटिस्ट बनने के लिए कई पढ़ाई के रास्ते खुल जाते हैं। छात्र BSc फिजिक्स, BSc मैथ्स, BSc एस्ट्रोनॉमी जैसे कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा BTech में एयरोस्पेस, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स या कंप्यूटर साइंस भी अच्छे विकल्प हैं। आज के समय में AI, डेटा साइंस और कंप्यूटर साइंस की भूमिका भी स्पेस रिसर्च में तेजी से बढ़ रही है। ग्रेजुएशन के बाद MSc या MTech, और फिर PhD करना जरूरी माना जाता है। PhD पूरी करने के बाद ISRO, DRDO, IISc और अन्य बड़े रिसर्च संस्थानों में वैज्ञानिक बनने के मौके बढ़ जाते हैं। इन संस्थानों में एडमिशन के लिए JEE Main, JEE Advanced, CUET, IISER Aptitude Test जैसी परीक्षाएं देनी होती हैं।

सैलरी, स्किल्स और पढ़ाई का खर्च

स्पेस साइंटिस्ट बनने के लिए सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि कुछ जरूरी स्किल्स भी चाहिए। इनमें प्रोग्रामिंग (Python, C++, Java), समस्या सुलझाने की क्षमता, टीमवर्क और अच्छी सोच शामिल है। ये स्किल्स बड़े रिसर्च प्रोजेक्ट्स में बहुत काम आती हैं। जहां तक सैलरी की बात है, तो शुरुआती स्तर पर ही अच्छी कमाई शुरू हो जाती है और अनुभव के साथ सैलरी काफी बढ़ जाती है। पढ़ाई के खर्च की बात करें तो सरकारी संस्थानों जैसे IIT और NIT में करीब 4 से 8 लाख रुपये तक खर्च आता है, जबकि प्राइवेट कॉलेजों में यह खर्च 10 से 20 लाख रुपये या उससे ज्यादा हो सकता है। अगर आप मेहनती हैं और साइंस में रुचि रखते हैं, तो कम खर्च में भी यह शानदार करियर बनाया जा सकता है।

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