उत्तर प्रदेश सरकार को सीएम योगी ने गांवों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधार केंद्र खोलने का काम शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत राजधानी लखनऊ से की गई है। सरोजनीनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भटगवां पांडेय और चिनहट ब्लॉक की सैरपुर ग्राम पंचायत में आधार सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इन दोनों पंचायतों में अब तक 40 से ज्यादा ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाएं दी जा चुकी हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पहले आधार बनवाने या उसमें नाम, पता या जन्मतिथि सुधारने के लिए शहर जाना पड़ता था। कई बार लंबी लाइन में लगना पड़ता था और पूरा दिन खराब हो जाता था। अब पंचायत भवन में ही आधार सेवा मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों के लिए यह सुविधा बहुत मददगार साबित हो रही है।
57,694 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी सुविधा
पंचायती राज विभाग ने साफ किया है कि यह योजना केवल कुछ पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगी। पहले चरण में प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में आधार केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके बाद धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंचाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को आधार से जुड़ी किसी भी सेवा के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय न जाना पड़े। गांव में ही आधार अपडेट होने से लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी। राशन, पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं में आधार जरूरी होता है। ऐसे में पंचायत स्तर पर यह सुविधा मिलने से ग्रामीणों की परेशानी काफी कम होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पंचायतों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
पंचायत सहायकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
इस योजना को सफल बनाने के लिए पंचायती राज विभाग पंचायत सहायकों को विशेष प्रशिक्षण दे रहा है। अब तक 800 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बाकी सहायकों का प्रशिक्षण भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आधार से जुड़ी तकनीकी जानकारी, ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल और लोगों की मदद करने की प्रक्रिया सिखाई जा रही है। विभाग का मानना है कि जब पंचायत सहायक पूरी तरह प्रशिक्षित होंगे, तो गांव में आधार सेवाएं बिना किसी परेशानी के चलेंगी। इससे पंचायतों की कार्यप्रणाली भी बेहतर होगी और ग्रामीणों का भरोसा भी बढ़ेगा। डिजिटल व्यवस्था मजबूत होने से गांवों में पारदर्शिता आएगी और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मंत्री और अधिकारियों का बयान, पंचायतें बनेंगी सेवा केंद्र
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं की शुरुआत ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत है। इससे उनका समय बचेगा और खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंचायतों को इतना सक्षम बनाना है कि ग्रामीणों को अधिकतर सेवाएं अपने गांव में ही मिल सकें। वहीं पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि विभाग पंचायतों को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। आधार सेवाओं की शुरुआत पंचायतों को नागरिक सेवा केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में पंचायतों पर और भी डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। सरकार का मानना है कि यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को गांवों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी और हर गांव को सुविधाओं से जोड़ने में मदद करेगी।
