अलीगढ़ के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रिंकू सिंह इस बार मैदान के प्रदर्शन को लेकर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं। 18 जनवरी को रिंकू सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर देवताओं को थार गाड़ी में बैठे हुए दिखाने वाला एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना वीडियो साझा किया था। वीडियो सामने आते ही कुछ संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए आपत्ति जताई। करणी सेना ने इस वीडियो को लेकर रिंकू सिंह के खिलाफ थाना सासनी गेट में शिकायत दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। उनका आरोप था कि इस तरह के वीडियो से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते यह मुद्दा स्थानीय स्तर से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया। विवाद बढ़ने पर रिंकू सिंह की ओर से यह वीडियो डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
बहन नेहा सिंह की पोस्ट से बढ़ा बवाल, माफी के साथ तंज
विवाद यहीं थम जाता, लेकिन 20 जनवरी को रिंकू सिंह की बहन नेहा सिंह की एक फेसबुक पोस्ट ने मामले को और ज्यादा गरमा दिया। नेहा सिंह ने अपने पोस्ट में रिंकू सिंह के समर्थन में लिखते हुए माफी मांगी, लेकिन साथ ही एक राजनीतिक तंज भी जोड़ दिया। उन्होंने लिखा कि “रिंकू भैया और मेरे से भी कोई गलती हो गई, मैं माफी मांगती हूं। इस तस्वीर को लेकर करणी सेना ने रिंकू भैया के खिलाफ तहरीर दी है।” इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी से जुड़ा उदाहरण देते हुए लिखा कि कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हनुमान जी को पतंग के रूप में दिखाया गया था, तब किसी ने विरोध नहीं किया। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया, तो कुछ ने इसे अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणी करार दिया। माफी के साथ किए गए इस तंज ने विवाद को धार्मिक से राजनीतिक रंग देने का काम किया, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया।
पुलिस जांच में जुटी, करणी सेना की शिकायत पर कार्रवाई
करणी सेना की शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। एसपी सिंह मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और उससे जुड़ी शिकायतों की जांच की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं रिंकू सिंह की बहन नेहा सिंह ने भी यह स्वीकार किया कि उनके भाई के खिलाफ थाने में शिकायत दी गई है। पुलिस यह भी देख रही है कि वीडियो और पोस्ट से किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है या नहीं। दूसरी ओर, विवाद बढ़ने के बाद रिंकू सिंह के समर्थक भी सामने आए हैं, जो इसे सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया मामला बता रहे हैं। उनका कहना है कि AI से बने कंटेंट को लेकर स्पष्ट नियमों की कमी के कारण ऐसे विवाद बार-बार सामने आ रहे हैं।
सोशल मीडिया, राजनीति और AI कंटेंट पर नई बहस
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड कंटेंट, धार्मिक भावनाएं और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने वाले ऐसे कंटेंट के लिए सख्त दिशा-निर्देश होने चाहिए। रिंकू सिंह जैसे चर्चित खिलाड़ी से जुड़ा मामला होने के कारण यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है। जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं नेहा सिंह के पोस्ट ने यह भी दिखा दिया कि एक माफी वाला बयान भी अगर राजनीतिक तंज के साथ दिया जाए, तो विवाद शांत होने की बजाय और गहरा हो सकता है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है। यह मामला आने वाले समय में सोशल मीडिया उपयोग और AI कंटेंट को लेकर एक नजीर भी बन सकता है।
Read more-चोर-उचक्के…’ कहकर धीरेंद्र शास्त्री पर बरसे पप्पू यादव, बयान से मचा सियासी और धार्मिक तूफान
