भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को लेकर दिया गया एक बयान अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है। अभिनेत्री और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी खुशी मुखर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दावा किया था कि सूर्यकुमार यादव उन्हें बार-बार मैसेज किया करते थे। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल तेज हो गई। क्रिकेट प्रेमियों, फैंस और आम लोगों ने इस बयान पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने सवाल उठाए तो कई लोगों ने इसे एक सम्मानित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की छवि पर हमला बताया। बयान के वायरल होते ही मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह कानूनी विवाद में तब्दील हो गया है। सूर्यकुमार यादव जैसे बड़े क्रिकेटर का नाम जुड़ने से इस मुद्दे ने और भी गंभीर रूप ले लिया।
शिकायत और पुलिस कार्रवाई: गाजीपुर से शुरू हुई कानूनी लड़ाई
इस पूरे मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने सक्रिय भूमिका निभाई है। फैजान अंसारी, जो मुंबई के निवासी बताए जा रहे हैं, ने खुशी मुखर्जी के खिलाफ गाजीपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि खुशी मुखर्जी के बयान पूरी तरह से निराधार हैं और इससे सूर्यकुमार यादव की सामाजिक और पेशेवर छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है। अंसारी का कहना है कि ऐसे आरोप बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए हैं, जो न सिर्फ एक खिलाड़ी बल्कि पूरे खेल जगत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह खासतौर पर मुंबई से गाजीपुर पहुंचे ताकि शिकायत को गंभीरता से दर्ज कराया जा सके। पुलिस को दी गई शिकायत में यह मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर आरोप झूठे पाए जाते हैं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस शिकायत के बाद अब पुलिस स्तर पर भी इस विवाद को लेकर हलचल शुरू हो गई है।
कड़ी कार्रवाई और 100 करोड़ का दावा: पीछे हटने के मूड में नहीं फैजान
मीडिया से बातचीत में फैजान अंसारी ने साफ शब्दों में कहा है कि वह इस मामले को हल्के में नहीं लेंगे। उनके मुताबिक, खुशी मुखर्जी के बयान से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर की साख को नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई किसी साधारण माफी से नहीं हो सकती। इसी वजह से उन्होंने अभिनेत्री के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। अंसारी का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्तिगत दुश्मनी के तहत नहीं, बल्कि एक खिलाड़ी के सम्मान और सच्चाई के लिए उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर खुशी मुखर्जी अपने आरोपों को ठोस सबूतों के साथ साबित कर देती हैं, तो वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को भी तैयार हैं। लेकिन जब तक ऐसा नहीं होता, वह इस कानूनी लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेंगे। अंसारी ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी-खासी पहुंच है और वह इस मुद्दे को हर मंच पर उठाएंगे, ताकि भविष्य में कोई भी बिना प्रमाण किसी की छवि खराब करने से पहले सौ बार सोचे।
खुशी मुखर्जी का पक्ष: बयान पर कायम लेकिन रिश्ते से इनकार
इस विवाद के केंद्र में मौजूद खुशी मुखर्जी ने अपने इंटरव्यू में यह जरूर स्पष्ट किया था कि उनके और सूर्यकुमार यादव के बीच कभी कोई निजी या रोमांटिक रिश्ता नहीं रहा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि क्रिकेटर उन्हें मैसेज किया करते थे, और यही बात विवाद की जड़ बन गई। उनके इस बयान के बाद जहां एक तरफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है। फिलहाल खुशी मुखर्जी की ओर से इस मानहानि केस को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कानूनी जानकारों की मानें तो यह मामला लंबा खिंच सकता है और इसमें बयान, सबूत और मंशा की भूमिका अहम होगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे जांच में क्या सामने आता है और अदालत इस पूरे विवाद को किस नजर से देखती है। इतना तय है कि सूर्यकुमार यादव से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में और भी सुर्खियों में बना रह सकता है।
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