हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक शांत पहाड़ी गांव में आधी रात को अचानक ऐसी आग लगी कि पूरा परिवार कुछ ही मिनटों में खत्म हो गया। नौहराधार क्षेत्र के तेलागना गांव में बीती रात करीब तीन बजे एक मकान में अचानक आग भड़क उठी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा एलपीजी सिलेंडर भी फट गया और पूरा मकान आग के गोले में तब्दील हो गया। उस वक्त घर के अंदर कुल सात लोग मौजूद थे, जो गहरी नींद में थे। धमाके और आग की चपेट में आकर छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। दूरदराज और पहाड़ी इलाका होने के कारण आग बुझाने में भी देरी हुई, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
तीन मासूमों समेत छह जिंदगियां खत्म, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सिरमौर भीषण अग्निकांड ने एक ही झटके में पूरे परिवार को उजाड़ दिया। मृतकों में तीन छोटे बच्चे, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान नरेश पुत्र दुर्गा सिंह निवासी टपरोली राजगढ़, तृप्ता पत्नी नरेश निवासी टपरोली राजगढ़, कविता पत्नी लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, सारिका पुत्री लोकेंद्र, कृतिका पुत्री लोकेंद्र और कृतिक पुत्र लोकेंद्र के रूप में हुई है। ये सभी मोहन लाल के मकान में रह रहे थे और आपस में पारिवारिक रिश्तों में जुड़े हुए थे। इस हादसे में लोकेंद्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में हालत नाजुक होने पर सोलन अस्पताल रेफर किया गया। लोकेंद्र ने इस हादसे में अपनी पत्नी और तीनों बच्चों को खो दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। गांव में हर आंख नम है और हर कोई इस सवाल से जूझ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी कैसे हो गई।
शॉर्ट सर्किट बना काल, सिलेंडर धमाके ने बढ़ाई तबाही
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे की प्राथमिक वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि शुरुआती सूचना के मुताबिक घर में अचानक बिजली का शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लगी। आग ने घर में रखे एलपीजी सिलेंडर को अपनी चपेट में ले लिया और तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। इसके बाद आग पर काबू पाना लगभग नामुमकिन हो गया। लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री से बने मकान में आग कुछ ही पलों में फैल गई। बताया जा रहा है कि इस अग्निकांड में कुछ पालतू मवेशियों के भी जिंदा जलने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके के लिए रवाना हुए, लेकिन दुर्गम क्षेत्र और संकरी सड़कों के कारण राहत कार्य में समय लग गया। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
प्रशासन अलर्ट, मुख्यमंत्री सहित नेताओं ने जताया दुख
घटना के बाद सिरमौर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही सरकार ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए बिजली सुरक्षा और घरेलू गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की बात कही है। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी और दूरदराज इलाकों में आपात सेवाओं की पहुंच, बिजली सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही परिवार की छह अर्थियां उठने से तेलागना गांव ही नहीं, बल्कि पूरे सिरमौर जिले में मातम पसरा हुआ है।
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