गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन से एक बार फिर सियासी और सामाजिक बहस को तेज कर दिया। उन्होंने मच्छर और माफिया की तुलना करते हुए कहा कि दोनों का असर अलग-अलग स्तर पर घातक होता है—एक व्यक्ति के शरीर को अस्वस्थ करता है तो दूसरा पूरे समाज को बीमार बना देता है। सीएम योगी ने कहा कि जब समाज स्वच्छता, अनुशासन और जागरूकता से दूर हो जाता है, तब ऐसी समस्याएं जन्म लेती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि माफिया, गुंडागर्दी और अराजकता किसी भी समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा होते हैं। मुख्यमंत्री का यह बयान केवल शब्दों तक सीमित नहीं था, बल्कि बीते वर्षों में प्रदेश में हुए बदलावों की पृष्ठभूमि में दिया गया एक स्पष्ट संदेश था कि अव्यवस्था और अपराध के लिए अब कोई जगह नहीं है।
गोरखपुर का बदला हुआ चेहरा: माफियाराज से विकास की राह तक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में पुराने गोरखपुर और वर्तमान गोरखपुर की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब यह क्षेत्र माफियाराज, गुंडाराज और दंगों के लिए जाना जाता था। व्यापारियों से जबरन वसूली होती थी, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं और युवाओं को रोज़गार के लिए पलायन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस जैसी घातक बीमारी बच्चों की जान ले रही थी, लेकिन उसे रोकने के लिए कोई ठोस नीति नहीं थी। सीएम योगी ने कहा कि आज वही गोरखपुर विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा का नया केंद्र बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि सख्त कानून व्यवस्था, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और निरंतर निगरानी के चलते माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे आम जनता को राहत मिली और विकास का रास्ता खुला।
डबल इंजन सरकार और भयमुक्त माहौल: विकास की नई परिभाषा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि अब उद्यमियों और व्यापारियों को बिना डर के निवेश और कारोबार करने का अवसर मिल रहा है। बहन-बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल, कॉलेज और बाजार जा पा रही हैं। सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई महिलाओं की सुरक्षा में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो कानून तुरंत कार्रवाई करेगा। उन्होंने इसे सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज विकास योजनाएं बिना किसी सिफारिश के सीधे जनता तक पहुंच रही हैं, जो पहले केवल कागजों तक सीमित रहती थीं।
स्मार्टफोन पर चेतावनी और ‘रामराज्य’ का दावा
सीएम योगी ने अपने संबोधन में सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बच्चों को जरूरत से ज्यादा स्मार्टफोन देने को “अपराध सरीखा” बताया और कहा कि इससे बच्चे जिद्दी, चिड़चिड़े और मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को तकनीक का संतुलित उपयोग सिखाएं। कार्यक्रम में मौजूद गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में रामराज्य जैसी व्यवस्था स्थापित हुई है, जहां अपराधियों पर सख्ती और आम नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि बदलाव ही समृद्धि और खुशहाली की कुंजी है, और उसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश आज देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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