म्यूजिक और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ‘इंडियन आइडल सीजन 3’ के विनर और मशहूर सिंगर-एक्टर प्रशांत तमांग का 11 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में अचानक निधन हो गया। महज 43 साल की उम्र में उनका इस तरह दुनिया से चले जाना हर किसी को हैरान कर गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशांत तमांग अपने दिल्ली स्थित घर में मृत पाए गए। उन्हें तुरंत द्वारका के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी में हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अब तक परिवार या अस्पताल की ओर से मौत की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। इसी कारण उनकी मौत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। बताया जा रहा है कि प्रशांत हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में एक म्यूजिक इवेंट पूरा कर दिल्ली लौटे थे और पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहे थे। अचानक आई इस खबर ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरी इंडस्ट्री और फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस कांस्टेबल से इंडियन आइडल विनर बनने तक की प्रेरक कहानी
प्रशांत तमांग का जन्म 4 जनवरी 1983 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुआ था। बेहद साधारण परिवार से आने वाले प्रशांत ने कम उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था, जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। हालातों से समझौता करते हुए उन्होंने कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी जॉइन की। हालांकि, वर्दी पहनने के बावजूद उनका संगीत से रिश्ता कभी नहीं टूटा। वे पुलिस ऑर्केस्ट्रा के साथ गाना गाते थे और खाली समय में रियाज करते थे। साल 2007 में उनकी जिंदगी ने ऐतिहासिक मोड़ लिया, जब उन्होंने ‘इंडियन आइडल सीजन 3’ में हिस्सा लिया। उनकी सादगी, संघर्ष और भावनात्मक आवाज़ ने पूरे देश का दिल जीत लिया। फाइनल में जीत हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि सपने हालातों के मोहताज नहीं होते। प्रशांत तमांग सिर्फ एक सिंगर नहीं बल्कि लाखों युवाओं के लिए उम्मीद और हिम्मत की मिसाल बन गए।
नेपाली सिनेमा और स्टेज शोज़ में छोड़ी गहरी छाप
इंडियन आइडल जीतने के बाद प्रशांत तमांग ने म्यूजिक इंडस्ट्री में लगातार मेहनत की और प्लेबैक सिंगर के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ नेपाली भाषा में भी कई गाने गाए, जो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए। इसके अलावा उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में भी कदम रखा। साल 2010 में नेपाली फिल्म ‘गोरखा पल्टन’ से उन्होंने बतौर अभिनेता डेब्यू किया, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इसके बाद वे ‘आंगालो यो माया को’, ‘किना माया मा’, ‘निशानी’ और ‘परदेसी’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए। हाल के वर्षों में उन्होंने हिंदी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया और अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। फिल्ममेकर राजेश घटानी का कहना है कि आज जो नेपाली कलाकार बड़े मंचों तक पहुंच रहे हैं, उसका रास्ता प्रशांत तमांग ने खोला। उनकी मेहनत और जमीन से जुड़ा स्वभाव हमेशा याद किया जाएगा।
‘पाताल लोक 2’ और अधूरा रह गया सफर
प्रशांत तमांग हाल ही में चर्चित वेब सीरीज ‘पाताल लोक सीजन 2’ में नजर आए थे, जहां उनके किरदार को काफी सराहा गया। एक बार फिर वे सुर्खियों में थे और उनके करियर को नई दिशा मिल रही थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अपने पीछे वे पत्नी और एक छोटी बेटी को छोड़ गए हैं। उनके अचानक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोशल मीडिया पर फैंस, सेलेब्रिटीज और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि इतनी कम उम्र में आखिर उनकी मौत कैसे हो गई। जब तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, यह सवाल एक रहस्य बना रहेगा। प्रशांत तमांग भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़, संघर्ष और प्रेरक कहानी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी।
