हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में जब रोहित शर्मा की बचपन की तस्वीर स्क्रीन पर दिखाई गई, तो सभी की नजरें वहां ठहर गईं। तस्वीर में रोहित माथे पर टीका लगाए, पिता की गोद में बैठे मासूम दिख रहे थे, जबकि उनके बगल में मां पूर्णिमा शर्मा खड़ी हैं। तस्वीर देखने के बाद रोहित शर्मा के चेहरे पर खुशियों और भावनाओं का अद्भुत मिश्रण साफ देखा गया। उनके बगल में बैठी पत्नी रितिका सजदेह ने भी उनकी भावनाओं को महसूस किया। रोहित का रिएक्शन ऐसा था, मानो एक पल के लिए उनका पूरा बचपन उनकी आंखों के सामने जीवंत हो गया हो।
गरीबी और संघर्ष से भरा बचपन
रोहित शर्मा का जन्म और बचपन आम लोगों की तरह सामान्य नहीं था। उनके पिता गुरुनाथ शर्मा एक केयरटेकर थे, और परिवार की आमदनी इतनी कम थी कि रोहित की पढ़ाई और खेल का खर्च जुटाना मुश्किल था। जब रोहित 12 साल के थे, तो उन्होंने अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए माता-पिता का साथ छोड़ बोरीवली का रुख किया। यहां उन्होंने अपने दादा-दादी और चाचा रवि के साथ रहकर क्रिकेट की तैयारी शुरू की। शुरुआती दिनों में जीवन की कठिनाइयां और आर्थिक तंगी ने उन्हें हतोत्साहित नहीं किया, बल्कि उनके खेल और संघर्ष को और मजबूत किया।
क्रिकेट में पहला बड़ा कदम और पहचान
बोरीवली में रहते हुए रोहित की प्रतिभा पर ध्यान दिया गया। दिनेश लाड, जो उस समय कोच की भूमिका निभा रहे थे, ने रोहित की ऑफ-स्पिन और क्रिकेट की समझ को देखा और उन्हें स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में दाखिला दिलवाया। स्कूल में रोहित ने ना केवल अपनी पढ़ाई बल्कि खेल में भी लगातार मेहनत की। हैरिस और जाइल्स शील्ड स्कूल टूर्नामेंट में उन्होंने ओपनिंग करते हुए अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाई। शुरुआती समय में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें मुंबई के चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करने का मौका दिलाया।
क्रिकेट करियर की उड़ान और ‘मुंबई का राजा’ बनना
रोहित शर्मा ने 2005 में लिस्ट ए क्रिकेट में डेब्यू किया और 2007 में रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलना शुरू किया। गुजरात के खिलाफ उन्होंने 205 रन की दमदार पारी खेली, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इसी दौरान उन्हें भारतीय टीम में वनडे और टी20 डेब्यू का मौका मिला। 6 साल बाद उन्होंने टेस्ट डेब्यू भी किया। आज रोहित शर्मा ‘मुंबई का राजा’ और टीम इंडिया के अहम खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन इस तस्वीर में उनका मासूम बचपन और संघर्ष की कहानी सबके सामने एकदम जीवंत हो गई।
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