महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। धुले में एक जनसभा के दौरान बीजेपी को मिली निर्विरोध जीत पर विपक्ष की आलोचना को लेकर फडणवीस ने जिस अंदाज़ में जवाब दिया, उसने सियासी माहौल गरमा दिया। “तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं?” जैसे तीखे शब्दों के साथ मुख्यमंत्री ने न सिर्फ विपक्ष पर कटाक्ष किया, बल्कि निर्विरोध जीत को जनता का भरोसा बताया। आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले यह बयान महायुति और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज करता नजर आ रहा है।
धुले की रैली में क्यों गरजे मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उत्तर महाराष्ट्र के धुले जिले में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के चार पार्षदों के निर्विरोध निर्वाचित होने पर स्थानीय मतदाताओं का आभार जताया। फडणवीस ने कहा कि यह जीत किसी दबाव या साजिश का नतीजा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन का प्रमाण है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब जनता बिना किसी मुकाबले के किसी दल को चुनती है, तो यह लोकतंत्र की मजबूती को दिखाता है, न कि उसकी कमजोरी को। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हार का डर सता रहा है, इसलिए वे अनावश्यक सवाल खड़े कर रहे हैं।
निर्विरोध जीत पर विपक्ष का हंगामा, फडणवीस का पलटवार
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि देश में पहले भी निर्विरोध चुनाव होते रहे हैं। फडणवीस के अनुसार, अब तक 35 लोकसभा सांसद निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जिनमें से 33 कांग्रेस शासन के दौरान चुने गए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के समय ऐसा होता था, तब लोकतंत्र को कोई खतरा नहीं दिखता था, लेकिन जब मौजूदा सरकार के कार्यकाल में निर्विरोध जीत होती है, तो विपक्ष को लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को आत्ममंथन करने की जरूरत है, न कि जनता के फैसले पर सवाल उठाने की।
नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संकेत
राज्य में 15 जनवरी को 29 नगर निगमों के चुनाव होने हैं और उससे पहले फडणवीस का यह बयान सियासी संकेतों से भरा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, महायुति की कई सीटों पर निर्विरोध जीत यह दिखाती है कि जमीनी स्तर पर विपक्ष कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
फडणवीस ने कहा कि बीजेपी और महायुति विकास के एजेंडे पर काम कर रही है, इसलिए जनता बिना किसी संदेह के समर्थन दे रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव में मुकाबला हो या न हो, सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री का मानना है कि विपक्ष की बेचैनी इस बात का संकेत है कि आने वाले चुनावों में उनकी राह आसान नहीं होने वाली।
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