लोकप्रिय लोकगायिका और सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाने वाली नेहा सिंह राठौर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर किए गए एक पोस्ट के बाद उनका नाम विवादों से जुड़ गया है। इसी मामले में गुरुवार को नेहा सिंह राठौर अपने पति हिमांशु के साथ लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंचीं। जैसे ही उनके थाने पहुंचने की खबर सामने आई, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई। कई तरह की अटकलें लगने लगीं कि क्या नेहा को हिरासत में लिया गया है या उनसे केवल पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले पर पुलिस और परिवार की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए, जिसने मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।
नेहा सिंह राठौर पर आरोप है कि उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट किया, जिसे लेकर राष्ट्र विरोधी भावना फैलाने का आरोप लगाया गया। इसके साथ ही उनके पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणियां भी विवाद का कारण बनीं। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं बयानों को लेकर उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, नेहा समर्थकों का कहना है कि उन्होंने सिर्फ सवाल पूछे और अपनी बात रखी, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
FIR और हेट स्पीच का आरोप—क्या कह रही है पुलिस
इस पूरे प्रकरण में लखनऊ पुलिस का कहना है कि नेहा सिंह राठौर को जांच में सहयोग के लिए नोटिस जारी किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया गया है ताकि जांच अधिकारी उनके बयान दर्ज कर सकें। शिकायतकर्ता अभय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाया और इससे समाज में नफरत फैलने की आशंका पैदा हुई। इसी शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ हेट स्पीच से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की गई है।
पुलिस का यह भी कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और अभी किसी भी तरह की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच अधिकारी सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और बयानों की गहन जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या वास्तव में कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं। पुलिस की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच, नेहा सिंह राठौर का थाने पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह जांच में सहयोग कर रही हैं।
पति हिमांशु का बयान—हिरासत नहीं, सिर्फ कानूनी प्रक्रिया
नेहा सिंह राठौर के पति हिमांशु ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि नेहा को हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पहले हजरतगंज पुलिस की ओर से पहला नोटिस भेजा गया था, जिसमें नेहा को पेश होने के लिए कहा गया था। उस समय नेहा की तबीयत ठीक नहीं थी, जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई थी और कुछ समय मांगा गया था। हिमांशु के मुताबिक, पुलिस को भरोसा दिलाया गया था कि नेहा तय समय के बाद खुद थाने पहुंचेंगी।
हिमांशु ने आगे बताया कि हाल ही में दूसरा नोटिस उनके घर के दरवाजे पर चिपकाया गया था, जिसमें तीन दिनों के भीतर जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया था। इसी के चलते उन्होंने आज ही थाने जाने का फैसला किया। हिमांशु ने यह भी कहा कि वे पुलिस स्टेशन में केवल औपचारिकता पूरी करने आए हैं और फिलहाल किसी तरह की गिरफ्तारी या हिरासत जैसी स्थिति नहीं है। उनके इस बयान के बाद हिरासत को लेकर चल रही अफवाहों पर कुछ हद तक विराम लगा, लेकिन मामला अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
इस पूरे मामले की शुरुआत अभय प्रताप सिंह नाम के व्यक्ति की शिकायत से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि नेहा सिंह राठौर ने बार-बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने की कोशिश की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ऐसे बयानों से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और देश की एकता पर असर पड़ सकता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नेहा के पोस्ट कानून की किस सीमा में आते हैं और क्या वे वास्तव में हेट स्पीच की श्रेणी में आते हैं या नहीं।
वहीं, नेहा सिंह राठौर के समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं और उनका कहना है कि सवाल पूछना और सरकार की आलोचना करना अपराध नहीं होना चाहिए। दूसरी ओर, आलोचकों का मानना है कि संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ बयान देना जरूरी है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और पुलिस की अगली कार्रवाई इस मामले की तस्वीर साफ करेगी। फिलहाल, नेहा सिंह राठौर का हजरतगंज थाने पहुंचना इस बात का संकेत है कि मामला अब सोशल मीडिया से निकलकर कानूनी दायरे में पूरी तरह प्रवेश कर चुका है।
