उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से सामने आई एक रहस्यमयी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गोपालपुर मजरे महमूदपुर गांव में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला किसान के खेत में अचानक गहरा और गोलाकार गड्ढा नजर आया। खेत में खड़ी फसल के बीच बना यह गड्ढा करीब 10 फीट से अधिक गहरा बताया जा रहा है। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और आसपास के गांवों से भी लोग इस अनोखे दृश्य को देखने पहुंचने लगे। किसी ने इसे प्राकृतिक घटना बताया तो किसी ने जमीन धंसने की आशंका जताई, लेकिन असल वजह अब तक रहस्य बनी हुई है।
सुबह-सुबह खेत में दिखा डरावना नज़ारा
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ लोग रोजमर्रा की तरह खेतों की ओर गए थे। तभी उनकी नजर खेत के बीच बने एक बड़े गोलाकार गड्ढे पर पड़ी। पहले तो लोगों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन पास जाकर देखने पर साफ हो गया कि जमीन अंदर की ओर धंस चुकी है। इसकी सूचना तुरंत खेत की मालकिन बिट्टन देवी को दी गई, जो इसी खेत में सरसों और मटर की खेती कर रही थीं। जब वह मौके पर पहुंचीं, तो देखा कि उनकी पूरी फसल नष्ट हो चुकी है और खेत के बीच एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिसमें पानी भी भरा हुआ है। यह नज़ारा देखकर वह बेहद परेशान हो गईं। धीरे-धीरे यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी।
ग्रामीणों में डर, तरह-तरह की अटकलें
खेत में अचानक बने इस गड्ढे ने ग्रामीणों के मन में डर पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जगह पर पहले कभी कोई कुआं, तालाब या गड्ढा नहीं था। 65 वर्षीय ग्रामीण अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि यहां वर्षों से खेती हो रही है, ट्रैक्टर चलते रहे हैं और कभी जमीन में किसी तरह की कमजोरी नजर नहीं आई। ऐसे में अचानक जमीन का इस तरह धंस जाना लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। कुछ लोग इसे भूगर्भीय हलचल या भूमिगत जलस्तर में बदलाव का परिणाम मान रहे हैं, तो कुछ इसे प्राकृतिक गैस या मिट्टी के कटाव से जोड़ रहे हैं। गड्ढे में भरा पानी भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है, क्योंकि सूखे खेत में पानी का अचानक उभरना कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो आसपास की जमीन और मकानों को भी नुकसान हो सकता है।
प्रशासन हरकत में, जांच और मुआवजे की मांग
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन को अवगत करा दिया गया। अमेठी तहसील के उप जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी और जमीन की स्थिति का आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बाहर से विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड्ढा किस कारण बना। वहीं, महिला किसान बिट्टन देवी ने प्रशासन से अपनी नष्ट हुई फसल का मुआवजा देने और गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग कराने की मांग की है, ताकि कोई बच्चा या मवेशी उसमें गिर न जाए। फिलहाल प्रशासनिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि खेत में अचानक इतना बड़ा गड्ढा कैसे बना और इसके पीछे की असली वजह क्या है। तब तक यह रहस्यमयी गड्ढा पूरे इलाके में चर्चा और दहशत का विषय बना हुआ है।
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