अमेठी के कस्बा ककवा मार्ग स्थित कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. देवमणि तिवारी के प्रमोद आलोक इंटर कॉलेज में मंगलवार को प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। इस कार्रवाई में बड़े पैमाने पर नकली उर्वरक और कीटनाशक बनाने का भंडार मिला। मौके पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव, नायब तहसीलदार अजय कुमार सिंह और पुलिस बल मौजूद रहे।
छापेमारी में टीम ने पाया कि कॉलेज परिसर के एक कमरे में राम उजागर यादव नामक व्यक्ति विभिन्न रसायनों को अलग-अलग बोरियों और पैकेटों में भर रहा था। जांच के दौरान नौ बोरी डीएपी, विभिन्न रासायनिक दवाएं, पैकिंग मशीन और नामी कंपनियों के लेबल लगे पैकेट बरामद किए गए। प्राथमिक जांच में यह सामग्री मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाई गई।
नकली सामग्री की जांच और कार्रवाई
कॉलेज परिसर से बरामद सामग्री में सफेद, पीले और भूरे रंग के पाउडर भरे कई कट्टे और ट्रे शामिल थीं। प्रशासन ने सभी संदिग्ध सामग्री को सील कर दिया है। इसके साथ ही कृषि विभाग और संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह छापेमारी ट्रू बॉडी कंसल्टिंग कंपनी के प्रतिनिधि आशीष जांगड़ा और कुलदीप कुशवाहा की निगरानी में की गई। अधिकारियों का कहना है कि नकली उर्वरक और कीटनाशक का निर्माण किसानों के हित और कृषि उत्पादन पर गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि किसानों को नुकसान न पहुंचे।
स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और आगामी जांच
जिला प्रशासन ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल अमेठी बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए चेतावनी का संकेत है कि नकली उर्वरक और कीटनाशक बनाने वालों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष के कॉलेज में इस प्रकार की गतिविधि सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
