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राष्ट्रपति के महल में वेटर बनकर घुसे चोर, 42 लाख के शाही बर्तन उड़ाए, ऐसे खुला राज?

फ्रांस के राष्ट्रपति भवन एलीसी पैलेस में काम करने वाले वेटर ने साथियों के साथ मिलकर 42 लाख रुपये तक के कीमती बर्तन चुरा लिए।

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फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एलीसी पैलेस से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस महल को फ्रांस की सत्ता और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है, वहीं काम करने वाला एक वेटर अंदरखाने से चोरी की बड़ी साजिश रच रहा था। आरोप है कि इस वेटर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर राष्ट्रपति भवन से चांदी के बर्तन, दुर्लभ टेबलवेयर और अन्य कीमती वस्तुएं चुरा लीं। शुरुआती आकलन के मुताबिक चोरी गए सामान की कीमत 15,000 से 40,000 यूरो के बीच आंकी गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 42 लाख रुपये तक बैठती है। महल के मुख्य प्रबंधक ने जब इन्वेंट्री में गड़बड़ी देखी, तब जाकर इस हाई-प्रोफाइल चोरी की सूचना पुलिस को दी गई।

ऑनलाइन नीलामी ने खोल दिया राज, सेवर्स फैक्ट्री की अहम भूमिका

इस चोरीकांड का भेद खुलना भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। एलीसी पैलेस में ज्यादातर शाही बर्तन और साजो-सामान की सप्लाई करने वाली प्रतिष्ठित सेवर्स मैन्युफैक्टरी ने सबसे पहले अलर्ट जारी किया। कंपनी को शक तब हुआ जब महल से गायब बताई गई कई वस्तुएं ऑनलाइन नीलामी वेबसाइटों पर बिक्री के लिए दिखाई दीं। ये ऐसी वस्तुएं थीं जो आम जनता के लिए उपलब्ध ही नहीं होतीं। इसके बाद राष्ट्रपति भवन के स्टाफ से गहन पूछताछ शुरू हुई। जांच के दौरान एक सिल्वर स्टीवर्ड यानी वेटर पर शक गहराया, क्योंकि उसके इन्वेंट्री रिकॉर्ड में बार-बार अनियमितताएं पाई गईं। रिकॉर्ड से यह भी संकेत मिला कि वह भविष्य में और चोरी करने की योजना बना रहा था।

वेटर के रिश्ते और ‘सीक्रेट प्लेट’ ने बढ़ाई मुश्किलें

पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे मामले की परतें खुलती गईं। जांचकर्ताओं को पता चला कि संदिग्ध वेटर का संपर्क एक ऐसी कंपनी के मैनेजर से था, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कीमती टेबलवेयर की बिक्री में माहिर है। यही नहीं, पुलिस को वेटर के विंटेड अकाउंट से एक बेहद खास प्लेट मिली, जिस पर “फ्रांसीसी वायु सेना” और “सेवर्स कारख़ाना” लिखा हुआ था। यह प्लेट आम बाजार में कभी बेची ही नहीं जाती, जिससे यह साफ हो गया कि यह वस्तु चोरी की ही है। यहीं से पुलिस को पुख्ता सबूत मिल गया कि राष्ट्रपति भवन के भीतर से सामान गायब किया जा रहा था और उसे योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन बेचा जा रहा था।

लॉकर, गाड़ी और घर से बरामद हुए 100 शाही सामान

इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वेटर, उसके साथी और ऑनलाइन बिक्री से जुड़े व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान चोर के निजी लॉकर, उसकी कार और उसके घर से करीब 100 कीमती वस्तुएं बरामद की गईं। इनमें तांबे के सॉसपैन, सेवर्स की चीनी मिट्टी की दुर्लभ प्लेटें, मशहूर कलाकार रेने लालिक की प्रतिमा और बैकारेट शैंपेन कूप जैसे महंगे और ऐतिहासिक महत्व के सामान शामिल थे। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों पर अगले साल मुकदमा चलेगा। यह मामला न सिर्फ राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भरोसे के भीतर छिपा धोखा कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।

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