दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग से करीब 40 किलोमीटर दूर बेकर्सडल टाउनशिप में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक भयानक त्रासदी में बदल गई। रात के करीब 1:00 बजे थे, जब स्थानीय लोग एक लाइसेंसी बार (Tavern) में सप्ताहांत का आनंद ले रहे थे। तभी अचानक दो गाड़ियों—एक सफेद कोम्बी और एक सिल्वर सेडान—में सवार होकर लगभग 12 नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के बार के अंदर और बाहर मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। संगीत और हंसी-मजाक की जगह अचानक चीख-पुकार और बारूद की गंध ने ले ली। हमलावर इतने बेरहम थे कि उन्होंने भागते हुए लोगों का पीछा किया और गलियों में भी उन पर गोलियां चलाईं।
लाशों का मंजर और घायलों की चीखें: पुलिस प्रशासन में हड़कंप
इस कायराना हमले में अब तक 9 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है। मरने वालों में एक ऑनलाइन कार-हेलिंग सर्विस का ड्राइवर भी शामिल है, जो बार के बाहर सवारी का इंतजार कर रहा था। पुलिस कमिश्नर मेजर जनरल फ्रेड केकाना ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि हमलावरों ने किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाने के बजाय भीड़ पर रैंडम फायरिंग की थी। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फॉरेंसिक टीमें सबूत जुटाने में लगी हैं, लेकिन अभी तक किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
दिसंबर का दूसरा बड़ा हमला: क्या गैंगवार है असली वजह?
दक्षिण अफ्रीका में इस महीने यह दूसरी बड़ी मास शूटिंग की घटना है। इससे पहले 7 दिसंबर को प्रिटोरिया के पास एक हॉस्टल में हुई फायरिंग में 11 लोगों की जान गई थी। बेकर्सडल, जो अपनी सोने की खदानों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से गरीबी और अपराध की चपेट में है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस हमले के पीछे के सटीक मकसद का खुलासा नहीं किया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का मानना है कि यह क्षेत्र में बढ़ते वर्चस्व की लड़ाई या अवैध व्यापार से जुड़ा ‘गैंगवार’ हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या हमलावरों का इरादा सिर्फ दहशत फैलाना था या वे किसी खास गुट को संदेश देना चाहते थे।
सुरक्षा पर सवाल: दुनिया के सबसे हिंसक देशों में शुमार दक्षिण अफ्रीका
6.3 करोड़ की आबादी वाला दक्षिण अफ्रीका दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां हत्या की दर सबसे अधिक है। पुलिस के हालिया आंकड़ों के अनुसार, यहां हर दिन औसतन 63 लोगों की हत्या कर दी जाती है। बेकर्सडल की इस घटना ने एक बार फिर देश की सुरक्षा व्यवस्था और अवैध हथियारों की तस्करी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। दक्षिण अफ्रीकी पुलिस सेवा (SAPS) ने जनता से अपील की है कि यदि उनके पास हमलावरों के बारे में कोई भी जानकारी हो, तो वे तुरंत साझा करें। फिलहाल पूरे जोहान्सबर्ग में हाई अलर्ट है और हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर मैनहंट (Manhunt) चलाया जा रहा है।
