Monday, February 2, 2026
HomeEntertainmentबलोच समाज का खुला अल्टीमेटम: "संजय दत्त माफी मांगें या परिणाम..."

बलोच समाज का खुला अल्टीमेटम: “संजय दत्त माफी मांगें या परिणाम…”

पूरे विवाद की जड़ फिल्म का वह दृश्य है जिसमें संजय दत्त का किरदार एक डायलॉग बोलता है, “हमेशा बोलता हूं बड़े साहब, मगरमच्छ पे भरोसा कर सकते हैं, लेकिन...

-

फिल्म के एक डायलॉग ने मचाया बवाल, समाज ने सम्मान की रक्षा के लिए उठाई आवाज
बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अपनी फिल्मों और दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार वह अपनी कलाकारी नहीं बल्कि अपनी फिल्म के एक विवादास्पद संवाद (डायलॉग) के कारण संकट में घिर गए हैं। हाल ही में उनकी फिल्म का एक हिस्सा सामने आया है, जिसमें बलोच समाज को लेकर की गई एक टिप्पणी ने गुजरात सहित देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले बलोच मकराणी समाज के भीतर भारी नाराजगी पैदा कर दी है। समाज का कहना है कि व्यावसायिक लाभ और मनोरंजन के नाम पर किसी पूरी कौम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना न केवल गलत है, बल्कि यह उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। इस विवाद के बाद अब फिल्म की रिलीज और उसके प्रसारण पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

क्या है वह विवादित संवाद जिसने बढ़ाई संजय दत्त की मुश्किलें?

इस पूरे विवाद की जड़ फिल्म का वह दृश्य है जिसमें संजय दत्त का किरदार एक डायलॉग बोलता है— “हमेशा बोलता हूं बड़े साहब, मगरमच्छ पे भरोसा कर सकते हैं, लेकिन बलोच पे नहीं।” इस एक पंक्ति ने बलोच समाज के लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। बलोच मकराणी समाज के नेताओं का तर्क है कि इस संवाद के जरिए उनके पूरे समुदाय को धोखेबाज और अविश्वसनीय चित्रित करने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि बलोच समाज का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है और समाज के लोगों ने हमेशा वफादारी और साहस का परिचय दिया है। ऐसे में किसी फिल्मी पटकथा में उन्हें मगरमच्छ से भी कम भरोसेमंद बताना उनकी सांस्कृतिक पहचान का अपमान है।

गुजरात में भारी विरोध प्रदर्शन और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन

विवाद के तूल पकड़ते ही गुजरात के विभिन्न जिलों में बलोच मकराणी समाज ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। समाज के अध्यक्ष जहांगीर बलोच के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि फिल्म से इस आपत्तिजनक डायलॉग को तुरंत हटाया जाए। समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने फिल्म निर्माताओं को चेतावनी दी है कि यदि इस संवाद को फिल्म से बाहर नहीं किया गया, तो वे फिल्म को सिनेमाघरों में चलने नहीं देंगे और इसके खिलाफ एक बड़ा राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन शुरू करेंगे।

माफी की मांग और कानूनी कार्रवाई का अल्टीमेटम

बलोच समाज केवल डायलॉग हटाने तक ही सीमित नहीं है; उनकी मांग है कि फिल्म के निर्माता और अभिनेता संजय दत्त सार्वजनिक रूप से इस गलती के लिए माफी मांगें। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह कतई नहीं है कि किसी विशेष जाति या समुदाय की भावनाओं को आहत किया जाए। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे गांधीवादी तरीके से अहिंसक विरोध तो करेंगे ही, साथ ही कानूनी लड़ाई के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। अब देखना यह होगा कि फिल्म के मेकर्स इस बढ़ते विवाद को शांत करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

Read more-अग्निवीरों की खुली किस्मत! गृह मंत्रालय ने रातों-रात जारी किया नया नोटिफिकेशन, BSF भर्ती में हुआ अब तक का सबसे बड़ा बदलाव!

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts