अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पांचवें टी20 मुकाबले में दर्शकों को एक बार फिर हाई-स्कोरिंग क्रिकेट देखने को मिला। टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय उनके लिए महंगा साबित हुआ। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 63 रनों की तेज साझेदारी की। संजू सैमसन ने 22 गेंदों में 37 रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 34 रन जोड़कर टीम को मजबूत मंच दिया। पावरप्ले में भारत का रन रेट लगातार बढ़ता गया, जिससे साफ संकेत मिल गया था कि यह मैच किसी बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहा है।
मिडिल ऑर्डर ने संभाली कमान, तिलक वर्मा ने दिखाई निरंतरता
ओपनिंग जोड़ी के आउट होने के बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर ने जिम्मेदारी के साथ आक्रामकता भी दिखाई। तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा और लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए बड़े शॉट्स भी लगाए। उनकी पारी ने भारतीय टीम को स्थिरता दी और रन गति को थमने नहीं दिया। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज बीच के ओवरों में वापसी की कोशिश करते रहे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की रणनीति साफ थी—हर ओवर से अधिकतम रन निकालना। यही वजह रही कि 15 ओवर के बाद भारत एक बड़े स्कोर की ओर मजबूती से बढ़ चुका था। स्टेडियम में मौजूद दर्शक हर बॉल पर चौके-छक्कों की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि असली तूफान अभी आना बाकी है।
हार्दिक पांड्या का विस्फोट, 16 गेंदों में टूटा बड़ा रिकॉर्ड
पारी के अंतिम ओवरों में क्रीज पर आए Hardik Pandya ने मैच का पूरा रंग ही बदल दिया। हार्दिक ने आते ही आक्रामक बल्लेबाजी शुरू की और गेंदबाजों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उन्होंने मात्र 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इस दौरान मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए। हार्दिक की इस पारी ने उन्हें भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड Abhishek Sharma के नाम था, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 17 गेंदों में फिफ्टी जड़ी थी। हालांकि भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड अब भी Yuvraj Singh के नाम है, जिन्होंने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों में यह कारनामा किया था। हार्दिक ने 25 गेंदों में 63 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 5 चौके शामिल रहे।
231 का विशाल स्कोर और भारत का मजबूत संदेश
हार्दिक पांड्या की तूफानी पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 231 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह स्कोर न सिर्फ मैच के लिहाज से अहम था, बल्कि सीरीज और आने वाले टूर्नामेंट्स के लिए भी भारत की बल्लेबाजी ताकत का साफ संदेश था। आखिरी ओवरों में रन गति जिस तरह बढ़ी, उसने साफ दिखा दिया कि भारतीय टीम अब सिर्फ टिककर खेलने में नहीं, बल्कि हर गेंद को मौके में बदलने की सोच के साथ मैदान पर उतर रही है। अहमदाबाद की यह रात लंबे समय तक याद रखी जाएगी, क्योंकि यहां सिर्फ एक मैच नहीं खेला गया, बल्कि रिकॉर्ड्स की किताब में एक नया अध्याय लिखा गया।
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