जनपद बस्ती के परसरामपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। यहां के ग्राम नंदनगर में रहने वाले एक पिता ने अपनी क्रूरता की सारी सीमाएं लांघते हुए अपने ही तीन नाबालिग बच्चों को मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की। पिता मोहम्मद इरफान हाशमी ने पहले बच्चों को बेरहमी से पीटा, फिर घर के भीतर गड्ढा खोदकर उन्हें जिंदा दफनाने का प्रयास शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों को मामले का पता लगते ही उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। यह सूचना उन मासूमों की जिंदगी बचाने की वजह बनी। जिस समय पुलिस मौके पर पहुंची, बच्चे बेहद डरे हुए और घायल अवस्था में मिले। पुलिस ने बिना समय गंवाए बच्चों को बाहर निकाला और सुरक्षित थाने तक पहुंचाया। घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में मातम जैसा माहौल बन गया और लोग स्तब्ध रह गए कि कोई पिता अपने ही बच्चों के साथ इतना निर्दयी कैसे हो सकता है।
पत्नी से विवाद के बाद भड़की क्रूरता
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इरफान की अपनी पत्नी से काफी समय से अनबन चल रही थी। घर में आए दिन झगड़े और मारपीट आम बात थी। लगभग एक सप्ताह पहले हुए बड़े विवाद के बाद उसकी पत्नी अपने एक बच्चे को लेकर मायके, रुधौली थाना क्षेत्र, चली गई थी। पत्नी के जाने के बाद इरफान ने घर में मौजूद अपने तीन अन्य बच्चों से दुर्व्यवहार शुरू किया। कल उसने गुस्से में आकर बच्चों को बुरी तरह पीटा और उन्हें कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उसने अंदर ही एक गहरा गड्ढा खोदना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चों को उसी गड्ढे में जिंदा दफनाने की योजना बना रहा था। बच्चों की चीखों और पड़ोसियों की आशंका के कारण यह वारदात समय रहते उजागर हो गई। यदि पुलिस कुछ देर और देर से पहुंचती तो नतीजा बेहद दर्दनाक हो सकता था।
मौके से आरोपी गिरफ्तार
सूचना मिलते ही परसरामपुर थाना पुलिस हरकत में आ गई। क्षेत्राधिकारी हरैया स्वर्णिमा सिंह के नेतृत्व में थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां का दृश्य देखकर खुद भी स्तब्ध रह गए। तीनों नाबालिग बच्चे डरे-सहमे एक कोने में बैठे थे, जबकि बगल में खोदा हुआ गड्ढा साफ नजर आ रहा था। पुलिस ने बच्चों को तुरंत बाहर निकाला और मेडिकल जांच के लिए भेजा। आरोपी मोहम्मद इरफान हाशमी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस की तेज कार्रवाई ने इन बच्चों को नई जिंदगी दी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के इस कदम की सराहना की और कहा कि वे समय पर न पहुंचे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और घर की तलाशी लेकर कई सबूत भी अपने कब्जे में लिए हैं।
कोर्ट ने आरोपी को भेजा जेल
थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी इरफान हाशमी के खिलाफ धारा 109(1) भारतीय न्याय संहिता तथा किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह धाराएं बच्चों के खिलाफ अमानवीय बर्ताव और जानलेवा हमले को लेकर बेहद कठोर मानी जाती हैं। कानूनी औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने आरोपी को बस्ती न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तीनों बच्चों को फिलहाल बाल संरक्षण इकाई की निगरानी में रखा गया है, जहां उन्हें सुरक्षा और मानसिक परामर्श दिया जा रहा है। अधिकारी इस बात की जांच भी कर रहे हैं कि आरोपी ने पहले भी बच्चों पर अत्याचार किया था या नहीं। गांव के लोगों के अनुसार, परिवार में आए दिन विवाद होते थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और आरोपी को कानून के तहत कठोर सजा दिलाई जाएगी।
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