रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ भारत में रिलीज होने के बाद दर्शकों के बीच खूब पसंद की जा रही है। फिल्म की कहानी, एक्शन और रणवीर के दमदार अभिनय ने बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को हिट बना दिया है। लेकिन इस फिल्म ने बलूचिस्तान के कुछ लोगों के बीच गुस्सा और नाराजगी भी पैदा कर दी है। बलूचिस्तान के एक्टिविस्टों का कहना है कि फिल्म उनके समुदाय और भू-राजनीतिक मुद्दों को गलत तरीके से पेश कर रही है।
बलूचिस्तान के एक्टिविस्ट ने लगाया गंभीर आरोप
एक बलूचिस्तान के सक्रिय कार्यकर्ता ने ‘धुरंधर’ फिल्म पर आरोप लगाया कि फिल्म में बलूचों को गलत तरीके से दिखाया गया है और उनकी पहचान और संस्कृति का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा, “फिल्म में बलूचों को नकारात्मक ढंग से दिखाया गया है और इससे हमारी समाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है।” उनका कहना है कि यह केवल एक मनोरंजन फिल्म नहीं, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश भी दे रही है।
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निर्माताओं का जवाब और फिल्म की कहानी
फिल्म के निर्माता और निर्देशक ने इस आरोप को नकारते हुए कहा कि ‘धुरंधर’ पूरी तरह से एक काल्पनिक कहानी पर आधारित है। उन्होंने बताया कि फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन और साहसिक रोमांच देना है, किसी समुदाय के खिलाफ कोई संदेश नहीं देना। रणवीर सिंह ने भी अपने इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने फिल्म में किसी भी समुदाय का अपमान करने का इरादा नहीं किया।
विवाद के बावजूद दर्शकों का उत्साह और आगे की चुनौतियां
हालांकि बलूचिस्तान में फिल्म को लेकर विवाद है, भारत में दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। फिल्म के प्रदर्शन और समीक्षाओं से पता चलता है कि जनता ने इसे काफी पसंद किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसे विवादों को लेकर फिल्म निर्माताओं को और सावधानी बरतनी पड़ सकती है। साथ ही, सांस्कृतिक और राजनीतिक संवेदनाओं का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।
