जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को सकारात्मक कदम बताया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने हैं और दोनों देशों के बीच भरोसा हमेशा मजबूत रहा है। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, भारत का रूस के साथ रिश्ता सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय रूस ने खुलकर भारत का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में, जब वैश्विक हालात लगातार बदल रहे हैं, रूस के साथ इस पारंपरिक दोस्ती को और मजबूत करने का मौका मिलना बेहद अहम है।
सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर रूस का भारत को सहयोग
उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान में कहा कि रूस वह देश है जिसने बार-बार भारत के हितों की रक्षा के लिए मजबूत भूमिका निभाई है। उन्होंने याद दिलाया कि जब भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साजिशें रची गईं या युद्ध के हालात बने, तब रूस ने हमेशा भारत के साथ खड़े होकर मदद की। चाहे बात हो हथियारों की सप्लाई की या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के पक्ष में वीटो इस्तेमाल करने की—रूस ने हर स्थिति में अपने रणनीतिक साझेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता सिर्फ समय का नहीं, बल्कि भरोसे और परस्पर सहयोग पर आधारित है।
पुतिन के भारत दौरे से नई उम्मीदें
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन का भारत आना दोनों देशों के लिए रिश्तों को और मजबूत करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बड़े देशों के बीच संवाद और सहयोग बेहद अहम है, और भारत-रूस की साझेदारी वैश्विक राजनीति में एक संतुलन स्थापित करती है। उमर अब्दुल्ला का मानना है कि रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत नई संभावनाओं को जन्म दे सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे से भारत-रूस के रिश्तों को नई दिशा मिलेगी और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
यूक्रेन संकट पर उनका दृष्टिकोण
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि अगर भारत और रूस की अच्छी ताल्लुकातों का फायदा यूक्रेन जैसे देशों को भी मिल जाए, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति का समर्थक रहा है और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने की कोशिश करता है। यदि भारत अपने रिश्तों का इस्तेमाल कर रूस को शांति के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सके, तो यह दुनिया के लिए बड़ी सफलता होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया आज संघर्ष से थकी हुई है और बड़ी शक्तियों के बीच संवाद ही भविष्य में स्थिरता ला सकता है।
Read more-पति को मिला जमीन में लाखों का मुआवजा तो लौटी भागी हुई पत्नी, बोली ‘अब हिस्सा भी चाहिए…’
