बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में रहने वाले रक्षित राणा ने वह काम कर दिखाया, जिसकी आज हर तरफ चर्चा हो रही है। रक्षित की शादी दिल्ली की दिव्या से तय हुई थी। तिलक समारोह के दौरान दिव्या के परिवार की ओर से 21 लाख रुपये दहेज के रूप में दिए जा रहे थे, लेकिन रक्षित ने मंच पर ही यह राशि ठुकरा दी। उन्होंने साफ कहा कि वह दहेज के सख्त खिलाफ हैं और अपनी शादी को बिल्कुल भी लेन-देन का सौदा नहीं बनने देंगे। परिवार और रिश्तेदारों के सामने किया गया यह फैसला न सिर्फ साहसिक था बल्कि समाज में एक मजबूत संदेश भी दे गया। उनके इस कदम की सभी ने खुलकर सराहना की।
परिवार भी खड़ा रहा दूल्हे के साथ
रक्षित राणा के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी ताकत उनके अपने परिवार का सहयोग था। जब रक्षित ने तिलक राशि लेने से इनकार किया, तो उनके माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों ने भी तुरंत उनके फैसले का समर्थन किया। परिवार ने भी कहा कि बेटी और बेटा दोनों ही समान हैं, इसलिए किसी से पैसे या सामान लेना उचित नहीं। इस तरह दूल्हे के साथ-साथ उसका परिवार भी दहेज विरोध की इस मुहिम में शामिल हो गया। समारोह में मौजूद लोगों ने दूल्हे के परिवार की इस सोच की जमकर तारीफ की और इसे एक अनुकरणीय कदम बताया।
समाज में बनी सकारात्मक चर्चा
रक्षित द्वारा 21 लाख रुपये लौटाने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। लोग इस कदम को एक नई सोच का प्रतीक बता रहे हैं। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस बात से खुश है कि अब नई पीढ़ी दहेज प्रथा जैसे कुप्रथाओं के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रही है। गांव और कस्बे में इस मुद्दे पर चर्चा होने लगी है कि अगर हर युवक इसी तरह खड़ा हो जाए, तो दहेज प्रथा अपने आप खत्म हो सकती है। कई सामाजिक संगठनों ने भी रक्षित से संपर्क कर उनकी सराहना की और उन्हें समाज का ‘रोल मॉडल’ बताया।
आने वाली पीढ़ियों के लिए बनी मिसाल
रक्षित राणा का यह कदम सिर्फ एक शादी से जुड़ा फैसला नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने दिखा दिया कि बदलाव किसी बड़े आंदोलन से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी व्यक्तिगत पहलों से भी शुरू हो सकता है। जब लोग समाज की गलत परंपराओं के खिलाफ खड़े होते हैं, तभी सकारात्मक परिवर्तन आकार लेता है। रक्षित के इस फैसले से कई लोग प्रेरित हुए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य युवा भी ऐसी पहल करेंगे। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग संदेश दे रहे हैं – शादी प्यार और सम्मान का रिश्ता है, किसी धन-दौलत का लेन-देन नहीं।
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