उत्तर प्रदेश में बाढ़ के हालात पर सियासी बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में प्रदेश सरकार पर बाढ़ प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रशासन पूरी तरह नाकाम हो चुका है और सरकार सिर्फ़ कागज़ों पर राहत दे रही है। विपक्ष के इन आरोपों पर अब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है।
डिप्टी सीएम ने किया तीखा पलटवार
एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा, “अखिलेश यादव मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुके हैं। उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि जनता आपदा में है, और वह सस्ती राजनीति कर रहे हैं।” मौर्य ने यह भी दावा किया कि सरकार की ओर से हर ज़िले में राहत कार्य समय पर चल रहे हैं और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर अफवाह फैलाने और जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
बयान पर मचा बवाल, विपक्ष ने बताया शर्मनाक
हालांकि डिप्टी सीएम का यह बयान अब खुद विवादों में घिर गया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे “अशोभनीय” और “गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि बाढ़ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की भाषा से राजनीतिक बहस का स्तर और नीचे गिरता है। अब देखना यह है कि क्या भाजपा इस बयान से किनारा करती है या उसे औपचारिक रूप से समर्थन देती है।
