तमिलनाडु की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वाहिदा अकधर के लिए इंस्टाग्राम पर हिजाब पहनकर रील बनाना अब सिर्फ एक कंटेंट क्रिएशन नहीं रहा, बल्कि यह उनकी निजी सुरक्षा और मानसिक शांति से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। वाहिदा का कहना है कि वो लंबे समय से सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और अपने वीडियो में किसी भी तरह की अश्लीलता, नफरत या धार्मिक टिप्पणी नहीं करतीं। इसके बावजूद, अचानक उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। शुरुआत ऑनलाइन ट्रोलिंग से हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह नफरत सोशल मीडिया की सीमाएं लांघकर उनके असली जीवन तक पहुंच गई। वाहिदा के अनुसार, कुछ कट्टरपंथी सोच रखने वाले लोग उनके कंटेंट को शहर की “साख खराब करने” से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि वो सिर्फ अपनी पसंद और पहचान के साथ वीडियो बना रही हैं।
‘अपने ही लोग बन गए दुश्मन’, समुदाय के भीतर से उठा विरोध
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वाहिदा को निशाना बनाने वाले ज्यादातर लोग उनके ही समुदाय से हैं। इन्फ्लुएंसर का कहना है कि उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह अपने गृहनगर कदैयानल्लूर को बदनाम कर रही हैं। वाहिदा ने सवाल उठाया कि जब शहर में कई गंभीर अपराध होते हैं, तब किसी का गुस्सा सामने क्यों नहीं आता, लेकिन जब एक लड़की हिजाब पहनकर रील बनाती है, तो वही सबसे बड़ा मुद्दा बन जाता है। उन्होंने साफ कहा कि उनके वीडियो में न तो किसी धर्म का अपमान है और न ही किसी धार्मिक नियम का उल्लंघन। इसके बावजूद, कुछ लोग उनके कंटेंट को जबरन धार्मिक चश्मे से देखकर विवाद खड़ा कर रहे हैं। वाहिदा का दर्द इस बात में झलकता है कि जिन लोगों से उन्हें समर्थन की उम्मीद थी, वही आज उनके खिलाफ खड़े हैं।
धमकियां सिर्फ ऑनलाइन नहीं रहीं, घर तक पहुंचे लोग
मामला तब और गंभीर हो गया जब यह विवाद सोशल मीडिया से निकलकर वाहिदा के घर तक पहुंच गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग सीधे उनके घर आए और उन्हें तथा उनकी मां को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। वाहिदा ने बताया कि वह इस मुद्दे पर चुप रहना चाहती थीं, ताकि बात आगे न बढ़े, लेकिन जब उनकी मां को भी इस तनाव से गुजरना पड़ा, तब उन्हें मजबूरन अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी। इन्फ्लुएंसर का कहना है कि धमकियों के चलते उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है और वह खुद को असुरक्षित महसूस करने लगी हैं। यह सिर्फ एक सोशल मीडिया विवाद नहीं रहा, बल्कि एक महिला की निजी आज़ादी और सुरक्षा से जुड़ा सवाल बन गया है, जो समाज की सोच पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
खुलकर दिया जवाब, बोलीं- दोहरी सोच उजागर हो रही है
वाहिदा अकधर ने अपने विरोधियों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि वह सिर्फ हिजाब पहनकर वीडियो बनाती हैं और इसके अलावा कुछ भी गलत नहीं करतीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि न तो वह अल्लाह के खिलाफ कुछ बोलती हैं और न ही इस्लाम के खिलाफ। उनका कंटेंट उनकी निजी पसंद और रचनात्मकता का हिस्सा है। वाहिदा ने आलोचकों की मानसिकता पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग उन्हें गालियां दे रहे हैं, वही लोग उनकी वीडियो नियमित रूप से देखते भी हैं। यह उनकी दोहरी सोच को साफ दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि डर और धमकी से वह चुप नहीं होंगी और अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ती रहेंगी। यह मामला अब सिर्फ एक इन्फ्लुएंसर का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आज़ादी, महिलाओं के अधिकार और समाज में बढ़ती असहिष्णुता पर बहस का विषय बन गया है।
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