Viral Video: आजकल सोशल मीडिया पर आए दिन सड़क हादसों और पुलिस की कार्रवाई के वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन हाल ही में एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने इंटरनेट यूजर्स को दो गुटों में बांट दिया है। यह पूरा मामला सिटी सर्कल के पास का बताया जा रहा है, जहां एक तेज रफ्तार बाइक सवार अचानक अपना संतुलन खो बैठा और बीच सड़क पर गिर पड़ा। आमतौर पर ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी मदद के लिए दौड़ते हैं, लेकिन यहां नजारा बिल्कुल उल्टा था। पास ही खड़े एक पुलिस अधिकारी ने गिरे हुए युवक की मदद करने के बजाय उसे देखते ही कहा, “बहुत अच्छा हुआ!” अधिकारी का यह तंजिया लहजा सुनकर वहां मौजूद लोग और खुद बाइक सवार भी हैरान रह गया।
लापरवाही पर भारी पड़ा ‘खाकी’ का गुस्सा
इस घटना के पीछे की असली वजह जब सामने आई, तो लोगों को समझ आया कि पुलिस अधिकारी इतने गुस्से में क्यों थे। दरअसल, वह बाइक सवार ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए स्टंट करने की कोशिश कर रहा था या बहुत ही लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। पुलिस अधिकारी का कहना था कि ऐसे राइडर्स न केवल अपनी जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों के लिए भी काल बन जाते हैं। अधिकारी ने युवक को फटकारते हुए कहा कि आज तो वह सिर्फ गिरा है और उसे मामूली खरोंच आई है, लेकिन उसकी यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। अधिकारी का “बहुत अच्छा हुआ” कहना सहानुभूति की कमी नहीं, बल्कि युवक को सबक सिखाने का एक सख्त तरीका था।
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पब्लिक की प्रतिक्रिया: सही या गलत?
जैसे ही यह वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हुआ, कमेंट्स की बाढ़ आ गई। यूजर्स इस पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। जहां एक पक्ष का कहना है कि पुलिस वाले को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था और पहले घायल की मदद करनी चाहिए थी, वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि ऐसे “रैश ड्राइवर्स” के साथ ऐसा ही बर्ताव होना चाहिए। कई लोगों ने लिखा कि जब तक ऐसे लोगों को कड़ा सबक नहीं मिलता, तब तक ये अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। लोगों का तर्क है कि अगर पुलिस प्यार से समझाती है तो ये लोग उसे अनसुना कर देते हैं, इसलिए कभी-कभी कड़वे शब्दों का इस्तेमाल जरूरी हो जाता है।
ट्रैफिक नियमों का पालन ही सुरक्षा का आधार
यह घटना हमें एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है। सिटी सर्कल जैसे व्यस्त इलाकों में तेज रफ्तार और स्टंटबाजी मौत को दावत देने जैसा है। प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से हेलमेट पहनने और गति सीमा का पालन करने की अपील करते हैं, लेकिन युवा पीढ़ी रोमांच के चक्कर में सुरक्षा को ताक पर रख देती है। इस वायरल वीडियो ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या पुलिस का यह “सख्त लहजा” सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार साबित होगा? हालांकि, अंत में जिम्मेदारी चालक की ही होती है कि वह नियमों का पालन करे ताकि उसे और पुलिस दोनों को ऐसी अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़े।
