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VIDEO: कार बढ़ाते ही एजेंट ने चला दी 3 गोलियां, महिला की मौत से मचा बवाल

अमेरिका के मिनियापोलिस में ICE एजेंट ने एक महिला को तीन गोलियां मार दीं। ट्रंप सरकार ने आत्मरक्षा बताया, लेकिन वीडियो और चश्मदीदों ने कहानी पलट दी।

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अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में बुधवार 7 जनवरी की सुबह एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे देश में बहस छेड़ दी है। स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब साढ़े नौ बजे, ईस्ट 34वीं स्ट्रीट और पोर्टलैंड एवेन्यू के पास यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) का एक टारगेटेड ऑपरेशन चल रहा था। इसी दौरान 37 वर्षीय महिला रेनी निकोल गुड की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला अपनी कार में बैठी थी और ICE एजेंट उसके चारों ओर मौजूद थे। अचानक तीन गोलियों की आवाज गूंजी और महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे अमेरिका में हड़कंप मच गया और सवाल उठने लगे कि क्या यह सच में आत्मरक्षा थी या जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल।

ट्रंप सरकार का बचाव, ICE का दावा- ‘गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की’

घटना के तुरंत बाद ICE और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार एजेंट के बचाव में उतर आई। ICE ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उनके अधिकारी एक संवेदनशील जांच अभियान चला रहे थे, तभी कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया। एजेंसी के अनुसार, महिला ने जानबूझकर अपनी कार से एक अधिकारी को कुचलने की कोशिश की, जिसे उन्होंने “घरेलू आतंकवाद जैसा कृत्य” बताया। ICE का कहना है कि ऐसे हालात में एजेंट ने खुद को बचाने के लिए गोली चलाई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एजेंट का खुलकर समर्थन किया। ट्रंप ने लिखा कि महिला ने “हिंसक और शातिर तरीके से” ICE अधिकारी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, इसलिए एजेंट को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि घटना की पूरी समीक्षा की जा रही है, लेकिन देश में कानून व्यवस्था इसलिए बिगड़ रही है क्योंकि कट्टरपंथी समूह कानून लागू करने वालों को निशाना बना रहे हैं।

वीडियो और चश्मदीदों ने पलटी कहानी

जहां एक ओर ट्रंप प्रशासन और ICE आत्मरक्षा का तर्क दे रहे हैं, वहीं स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के बयान इस कहानी को पूरी तरह पलटते नजर आ रहे हैं। मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने घटना का वीडियो देखा है और आत्मरक्षा का दावा “पूरी तरह गलत” है। उन्होंने इसे “कचरा नैरेटिव” बताते हुए कहा कि सच्चाई वीडियो में साफ दिख रही है। स्थानीय चैनल FOX 9 को दिए गए चश्मदीदों के बयानों के मुताबिक, महिला एक लाल रंग की होंडा पायलट कार में बैठी थी। दो ICE एजेंट कार के दोनों ओर खड़े थे, जबकि तीसरा ड्राइवर साइड का दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एक एजेंट पीछे हटा और ड्राइवर की खिड़की से सीधे तीन गोलियां चला दीं। चश्मदीदों का साफ कहना है कि कार एजेंटों की ओर नहीं बढ़ रही थी और महिला भागने की कोशिश भी नहीं कर रही थी।

फेडरल बनाम स्थानीय प्रशासन, स्वतंत्र जांच की मांग तेज

इस गोलीबारी के बाद फेडरल एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है। मिनेसोटा के कई स्थानीय नेताओं ने ICE और ट्रंप प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सही हैं, तो यह आत्मरक्षा नहीं बल्कि अत्यधिक बल प्रयोग का मामला बनता है। नागरिक अधिकार संगठनों ने भी इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और ICE की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यह घटना सिर्फ एक महिला की मौत तक सीमित नहीं रही, बल्कि अमेरिका में इमिग्रेशन नीति, पुलिस बल के अधिकार और जवाबदेही को लेकर नई बहस को जन्म दे चुकी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और क्या सच में इस गोलीबारी के लिए जिम्मेदार एजेंट पर कार्रवाई होगी या मामला राजनीतिक बयानबाजी में ही दब जाएगा।

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