दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट पर चुनावी माहौल बहुत ही गर्म है। लोकगायिका और बीजेपी उम्मीदवार मैथिली ठाकुर का मुकाबला आरजेडी के वरिष्ठ नेता विनोद मिश्रा से है। इस सीट पर पहले फेज में 6 नवंबर को मतदान हुआ था और करीब 60.32 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वोटिंग प्रतिशत औसत से थोड़ा कम रहा, लेकिन चुनावी दौड़ में यह संकेत दे रहा है कि मतदाताओं की पसंद बहुत निर्णायक साबित हो सकती है। अलीनगर सीट पर स्थानीय और बाहरी उम्मीदवार के बीच टक्कर के कारण चुनाव परिणाम के प्रति जनता में उत्सुकता और सस्पेंस बना हुआ है।
महागठबंधन का पलड़ा भारी?
अलीनगर विधानसभा सीट पर अब तक के रुझानों के अनुसार महागठबंधन के उम्मीदवार विनोद मिश्रा के जीतने के संकेत मजबूत दिखाई दे रहे हैं। इस सीट पर ब्राह्मण वोटों का बंटवारा और बाहरी उम्मीदवार के कारण स्थानीय मतदाता की प्राथमिकता महागठबंधन की तरफ झुक सकती है। इसके अलावा, सीट पर पिछले चुनावों के मुकाबले बीजेपी की पकड़ थोड़ी कमजोर नजर आ रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यदि महागठबंधन उम्मीदवार विनोद मिश्रा अपने मजबूत जनसमर्थन को बनाए रखते हैं, तो अलीनगर सीट महागठबंधन के खाते में जा सकती है।
बिहार विधानसभा में कुल रुझान और स्थिति
बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर रही। प्रारंभिक एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को लगभग 125 सीटों पर जीत मिलने की संभावना है, जबकि महागठबंधन को 87 सीटों पर बढ़त दिख रही है। लगभग 31 सीटों पर दोनों गठबंधनों के बीच कड़ी टक्कर होने का अनुमान लगाया गया है। अलीनगर जैसे मुकाबले वाले क्षेत्र न केवल स्थानीय राजनीति के लिए बल्कि पूरे जिले की राजनीतिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 14 नवंबर को निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित फाइनल नतीजे इस सस्पेंस को समाप्त करेंगे।
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