संसद के मौजूदा सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय एक दिलचस्प और चर्चा का विषय बन गया जब स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस चल रही थी। इस बहस में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसी दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद Ravi Shankar Prasad ने अपने भाषण में लोकप्रिय फिल्मी गाने ‘लड़का आंख मारे’ का जिक्र कर दिया। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल कुछ पल के लिए हल्का हो गया और कई सांसदों के बीच चर्चा शुरू हो गई। दरअसल प्रसाद ने इस गाने का उदाहरण देते हुए विपक्ष के रवैये पर तंज कसने की कोशिश की। उनका कहना था कि संसद जैसे गंभीर मंच पर मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कुछ नेता इसे हल्के अंदाज में लेते हुए इशारों और व्यंग्य के जरिए राजनीति करने की कोशिश करते हैं।
विपक्ष के रवैये पर साधा निशाना
अपने भाषण में रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संसद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। यहां जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने (Ravi Shankar Prasad) कहा कि जब विपक्ष के कुछ नेता सदन में सवाल उठाते हैं तो उनका तरीका कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे वे किसी गंभीर बहस के बजाय राजनीतिक नाटक कर रहे हों। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘लड़का आंख मारे’ गाने का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ लोग इशारों और संकेतों के जरिए राजनीति करते हैं, जो संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के कुछ सांसदों ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया, जबकि विपक्षी सांसदों ने इसे राजनीतिक व्यंग्य बताया। इस टिप्पणी के बाद कुछ देर तक सदन में हलचल का माहौल भी देखने को मिला।
स्पीकर के समर्थन में उतरे रविशंकर प्रसाद
बहस के दौरान रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने लोकसभा स्पीकर Om Birla का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष तरीके से चलाने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना पूरी तरह राजनीतिक कदम है और इसका उद्देश्य केवल राजनीतिक माहौल बनाना है। प्रसाद ने कहा कि स्पीकर का पद संविधान और संसद की परंपराओं के हिसाब से बेहद सम्मानजनक होता है और इस पद को विवादों में घसीटना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि स्पीकर ने कई बार विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया है। इसके बावजूद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना संसद की परंपराओं के खिलाफ माना जा सकता है।
राजनीतिक बयान पर बढ़ी चर्चा
लोकसभा में हुई इस बहस के बाद रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) का यह बयान तेजी से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे विपक्ष पर किया गया तीखा व्यंग्य बताया, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि संसद में इस तरह के उदाहरण देना असामान्य नहीं है क्योंकि नेता अक्सर अपने तर्क को समझाने के लिए लोकप्रिय संदर्भों का इस्तेमाल करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तनातनी ने संसद के माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में ‘लड़का आंख मारे’ गाने का जिक्र लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और यह बयान राजनीतिक बहस को एक अलग ही मोड़ दे गया है।
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