बिहार के गया जिले के टिकारी विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रत्याशी और मौजूदा विधायक अनिल कुमार दिघौरा गांव में जनसंपर्क के दौरान भीड़ के गुस्से का शिकार हो गए।
सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण कई महीनों से अधूरे नाली निर्माण और विकास कार्यों की अनदेखी से नाराज़ थे। जैसे ही विधायक का काफिला गांव पहुंचा, कुछ लोगों ने नारेबाज़ी शुरू कर दी जो देखते ही देखते पत्थरबाजी में बदल गई।
इस अचानक हुए हमले में कई वाहनों के शीशे टूट गए और मौके पर भगदड़ मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने अनिल कुमार को किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, लेकिन उनके सिर और हाथ में चोटें आईं। उनके कई समर्थक भी घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और प्रशासन ने हालात को काबू में करने के लिए फोर्स तैनात कर दी।
प्रशासन ने दिखाई सख्ती, नौ लोग हिरासत में – बाकी की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आ गए। डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी आनंद कुमार ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घायलों से मुलाकात की। पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है।
प्राथमिकी पंचानपुर थाना में दर्ज की गई है, और प्रशासन ने कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीणों की नाराज़गी विकास कार्यों के ठप पड़ने को लेकर लंबे समय से simmer कर रही थी, जो अब जाकर विस्फोटक रूप में सामने आई।
राजनीतिक हलचल तेज, विधायक बोले – “जनसेवा से पीछे नहीं हटूंगा”
इस घटना के बाद टिकारी क्षेत्र का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया है, वहीं समर्थक इसे “जनभावना का गलत रूप” कह रहे हैं।
घायल विधायक अनिल कुमार ने कहा कि वे जनता की समस्याओं से भागने वाले नहीं हैं और यह हमला उन्हें और मजबूती से काम करने की प्रेरणा देगा।
वहीं, जिला प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, मगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
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