Homeराजनीतिकाशी और मथुरा में जीत के बाद क्या बोली अखिलेश की सपा?...

काशी और मथुरा में जीत के बाद क्या बोली अखिलेश की सपा? BJP ने किया पलटवार

उत्तर प्रदेश MLC चुनाव के नतीजों के बाद काशी-मथुरा की जीत पर सपा और बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं। सपा के 'प्रभु के आशीर्वाद' वाले बयान पर बीजेपी ने जोरदार पलटवार किया है। जानिए पूरी सियासी खबर।

-

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनावों के हालिया नतीजों ने सूबे की सियासत में एक बार फिर से उबाल ला दिया है। विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए इस कड़े मुकाबले में जब समाजवादी पार्टी (SP) ने 5 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, तो सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई। सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया के एक बयान ने इस पूरी जीत को एक अलग ही मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिस पर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। चुनावों में मिली इस सफलता के बाद राजनीतिक दलों के बीच शुरू हुई यह बयानबाजी इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति का तापमान और अधिक बढ़ने वाला है।

चुनावी जीत के बाद सपा का बड़ा दावा और अनुराग भदौरिया के बोल

विधान परिषद चुनाव के नतीजे सामने आते ही समाजवादी पार्टी खेमे में जश्न का माहौल देखा गया। सपा के मुख्य प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो जारी कर अपनी खुशी खुलकर जाहिर की। उन्होंने जीत का श्रेय सीधे तौर पर आस्था और ईश्वर से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया। भदौरिया ने दावा किया कि प्रभु श्री राम और अन्य देवी-देवताओं का आशीर्वाद अब समाजवादियों के साथ आ गया है। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में बीजेपी को झटका लगा और अब काशी, मथुरा तथा प्रयागराज जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर भी सपा समर्थित उम्मीदवारों और वैचारिक जीत ने यह साबित कर दिया है कि जनता का विश्वास अब बदल रहा है। सपा नेताओं का यह भी कहना था कि वे प्रभु को अपनी आस्था का केंद्र मानते हैं, जबकि विरोधी दल केवल उनके नाम पर राजनीति करने का काम करते हैं।

बीजेपी का तीखा पलटवार: ‘चुनावी एटीएम’ और तुष्टीकरण का गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी की ओर से आए इस आध्यात्मिक और धार्मिक दावों वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक कृष्ण दुबे ने सपा के इन बयानों को पूरी तरह से अवसरवादी और राजनीतिक स्टंट करार दिया है। दुबे ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों का दूर-दूर तक अध्यात्म से कोई लेना-देना नहीं है, वे सिर्फ चुनाव आते ही भगवान भरोसे होने का नाटक करने लगते हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि सपा धर्म और अध्यात्म को केवल एक ‘चुनावी एटीएम’ की तरह इस्तेमाल करना चाहती है, जबकि उनका मूल चरित्र तुष्टीकरण और अराजकता का रहा है। उन्होंने अतीत की घटनाओं और पार्टी नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए सपा की नियत पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि जनता इस दोहरे चरित्र को बहुत अच्छी तरह से समझती है।

MLC चुनाव के नतीजे और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी संदेश

यह पूरा राजनीतिक वाकया केवल विधान परिषद की सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में MLC की 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हुए इन चुनावों में बीजेपी और सपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिसमें कुल 11 सीटों में से बीजेपी ने 6 और सपा ने 5 सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि बीजेपी ने बहुमत के करीब सीटें जीती हैं, लेकिन सपा का वाराणसी (काशी) और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अपना प्रभाव दिखाना इस बात की गवाही देता है कि मुख्य विपक्षी दल अपनी रणनीति में बड़े बदलाव कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे साल 2027 के विधानसभा चुनावों की सरगर्मी बढ़ेगी, धर्म, विकास और पहचान की यह राजनीति और अधिक तीखी और आक्रामक होती चली जाएगी।

Read More-JDU में दरार! जीत के बाद नीरज कुमार नेेे ललन सिंह का आशीर्वाद लेने से क्यों किया मना? कहा- उनकेे घर में मातम है और मैं..

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts