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डॉक्टरों ने आराम कहा, 70 की उम्र में कर डाली 702 KM साइकिलिंग, विधायक को पीएम मोदी ने खुद किया फोन

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PM Modi: उम्र अगर हौसलों को रोक दे, तो सपने वहीं दम तोड़ देते हैं, लेकिन कर्नाटक के भाजपा विधायक एस. सुरेश कुमार ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति के आगे उम्र और बीमारी दोनों हार मान जाती हैं। 70 वर्षीय सुरेश कुमार ने हाल ही में बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा पूरी कर हर किसी को हैरान कर दिया। यह सफर उन्होंने महज पांच दिनों में पूरा किया। खास बात यह रही कि कुछ ही समय पहले वह एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जूझ रहे थे, जिसने उन्हें महीनों तक बिस्तर से उठने तक की हालत में नहीं छोड़ा था। डॉक्टरों की सलाह और लंबा इलाज चलने के बाद जब वे धीरे-धीरे ठीक हुए, तो उन्होंने अपने शरीर को ही नहीं, बल्कि अपने मन को भी चुनौती दी और यह साहसिक यात्रा शुरू की।

पीएम मोदी का फोन कॉल: हौसले को मिली सबसे बड़ी पहचान

इस असाधारण उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं एस. सुरेश कुमार से फोन पर बात की और उनकी खुलकर सराहना की। पीएम मोदी ने न सिर्फ उन्हें बधाई दी, बल्कि इस यात्रा को देश के लिए प्रेरणादायक भी बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक की यह साइकिल यात्रा दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति का शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से उबरने के बाद इस तरह की उपलब्धि यह संदेश देती है कि फिटनेस और आत्मविश्वास जीवन में कितना जरूरी है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुरेश कुमार से बात कर उनके प्रयास की प्रशंसा की है, जिससे यह साफ है कि यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा बन गई है।

51 साल बाद फिर कन्याकुमारी पहुंचे सुरेश कुमार

प्रधानमंत्री से फोन कॉल मिलने के बाद एस. सुरेश कुमार खुद को भावुक होने से रोक नहीं पाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम मोदी से बात करना उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। उन्होंने बताया कि यह उनकी दूसरी कन्याकुमारी साइकिल यात्रा है और पहली यात्रा के बाद पूरे 51 साल बीत चुके हैं। इस बार की यात्रा उनके लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि वह गंभीर बीमारी से उबरने के बाद इसे पूरा कर पाए। सुरेश कुमार ने कहा कि जब शरीर साथ नहीं दे रहा था, तब मन में कई बार हार मानने का ख्याल आया, लेकिन अनुशासन और नियमित अभ्यास ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा उनके लिए सिर्फ साइकिलिंग नहीं थी, बल्कि खुद को दोबारा साबित करने का एक भावनात्मक सफर था।

देशभर से मिल रही सराहना

सुरेश कुमार की इस उपलब्धि की सराहना सिर्फ प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं रही। पूर्व तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी उनकी जमकर तारीफ की। अन्नामलाई ने कहा कि यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि असफलताएं स्थायी नहीं होतीं, बल्कि साहस, अनुशासन और धैर्य अगर साथ हों, तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ‘राजाजीनगर पेडल पावर’ के बैनर तले युवाओं के साथ पांच दिनों तक 702 किलोमीटर की यात्रा कर सुरेश कुमार ने यह दिखा दिया कि सार्वजनिक जीवन, फिटनेस और नेतृत्व एक साथ चल सकते हैं। उनकी यह पहल देशभर के युवाओं और बुजुर्गों दोनों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किसी भी उम्र में असाधारण लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

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