Sunday, February 1, 2026
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शंकराचार्य विवाद के बीच मथुरा पहुंचे BJP अध्यक्ष नितिन नबीन, योगी आदित्यनाथ की तारीफ ने दिए बड़े सियासी संकेत

शंकराचार्य विवाद के बीच भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का मथुरा दौरा चर्चा में है। बांके बिहारी मंदिर दर्शन से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकास और सांस्कृतिक विरासत पर खुली तारीफ तक, जानिए इस सियासी और आध्यात्मिक दौरे का पूरा मतलब।

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन पहली बार उत्तर प्रदेश की पवित्र ब्रजभूमि मथुरा पहुंचे और इस दौरे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद के बीच हुआ यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक और वैचारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। मथुरा पहुंचते ही नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर बांके बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना की और लोकमंगल की कामना की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की खुलकर सराहना की। नितिन नबीन ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दी है, जहां परंपरा और प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं। उनके बयान को भाजपा नेतृत्व की ओर से योगी मॉडल पर मजबूत भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।

योगी आदित्यनाथ की तारीफ और ‘सनातन गौरव’ का जिक्र

मथुरा में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे पवित्र शहरों में जिस तरह से सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित किया जा रहा है, वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। नितिन नबीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योगी आदित्यनाथ ने केवल धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण ही नहीं किया, बल्कि सनातन परंपरा की जड़ों को भी मजबूत किया है। उनके अनुसार, आज हर सनातनी खुद को गौरवान्वित महसूस करता है क्योंकि आस्था के केंद्रों को सम्मान और भव्यता मिल रही है। भाजपा अध्यक्ष ने यह भी जोड़ा कि सांस्कृतिक विकास के साथ-साथ प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मजबूती ने निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोले हैं, जिससे उत्तर प्रदेश की छवि तेजी से बदल रही है।

एक्सप्रेस-वे और विकास की रफ्तार पर जोर

नितिन नबीन ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि आज जब उत्तर प्रदेश की चर्चा होती है तो यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे जैसे नाम खुद-ब-खुद सामने आ जाते हैं। भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, ये सड़कें सिर्फ यातायात के साधन नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक रफ्तार की पहचान बन चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब उन राज्यों की कतार में खड़ा है, जहां विश्वस्तरीय सड़क और परिवहन सुविधाएं मौजूद हैं। नितिन नबीन ने कहा कि जिस तरह से विकास की योजनाएं जमीन पर उतर रही हैं, उससे यह साफ है कि यूपी अब पीछे नहीं बल्कि आगे चलने वाला राज्य बन रहा है। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति और योगी सरकार के कामकाज पर केंद्रित समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

 शंकराचार्य विवाद के बीच दौरे का महत्व

यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा विवाद चर्चा में है। शनिवार शाम को उनके शिविर के बाहर हुए हंगामे और नारेबाजी की घटना ने माहौल को गरमा दिया था। आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने नारे लगाए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और हाथापाई तक की नौबत आ गई। ऐसे संवेदनशील माहौल में भाजपा अध्यक्ष का उत्तर प्रदेश आना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई देना कई संदेश देता है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह दौरा पार्टी की एकजुटता दिखाने और राज्य सरकार के कामकाज पर भरोसा जताने की रणनीति का हिस्सा है। बांके बिहारी मंदिर में पूजा, आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी और विकास पर दिए गए बयान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि भाजपा आस्था, विकास और सख्त प्रशासन—तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने के अपने एजेंडे पर कायम है।

 

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