बिहार की राजनीति में रविवार को एक बड़ा और दिलचस्प मोड़ देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar ने आखिरकार सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखने वाले निशांत ने Janata Dal (United) यानी जद(यू) की सदस्यता ले ली। पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्हें आधिकारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया गया। निशांत के राजनीति में आने को बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
पिता से मुलाकात की पहली तस्वीर आई सामने
जद(यू) में शामिल होने के बाद निशांत कुमार अपने पिता से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह अपने पिता को सोनपापड़ी खिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। मुलाकात के दौरान निशांत ने अपने पिता का आशीर्वाद लिया और उनके मार्गदर्शन में काम करने की बात कही। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि अब तक निशांत ने हमेशा राजनीति से दूरी बनाए रखी थी।
पिता के फैसले का किया सम्मान
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनके पिता का राज्यसभा जाने का फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है और परिवार के सभी लोग इसका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जद(यू) को और मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके निशांत ने कहा कि वह राजनीति में सेवा के भाव से आए हैं और जनता के लिए काम करना चाहते हैं।
डिप्टी सीएम बनने की चर्चा तेज
निशांत कुमार के राजनीति में आने के साथ ही बिहार की सियासत में अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है। पार्टी के कुछ नेताओं के बीच यह चर्चा तेज है कि आने वाले समय में उन्हें राज्य सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। यहां तक कि कुछ करीबी सूत्रों का दावा है कि यदि राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं तो निशांत को उप मुख्यमंत्री पद भी मिल सकता है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन निशांत की एंट्री ने बिहार की राजनीति को नई दिशा जरूर दे दी है।
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