Monday, February 2, 2026
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जहरीले पानी से मातम, मंत्री के शब्दों से सियासी तूफान! इंदौर में मौतों के बीच क्यों घिर गए कैलाश विजयवर्गीय?

Indore contaminated water case में जहरीले पानी से मौतों के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आपत्तिजनक बयान ने सियासत गरमा दी है। कांग्रेस ने इस्तीफे की मांग की, जानिए पूरा मामला।

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Indore contaminated water case में जहरीले पानी से मौतों के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आपत्तिजनक बयान ने सियासत गरमा दी है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित और कथित रूप से जहरीले पानी ने हाहाकार मचा दिया है। बीते कुछ दिनों में डायरिया फैलने से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक नलों से आ रहा पानी बदबूदार और गंदा था, जिसे पीने के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। हालात इतने बिगड़े कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 200 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं, जबकि कांग्रेस का दावा है कि मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इलाके में डर और गुस्से का माहौल है, लोग प्रशासन से जवाब और साफ पानी की मांग कर रहे हैं।

रिपोर्टर के सवाल पर भड़के मंत्री, कैमरे में कैद हुआ विवाद

इस संवेदनशील हालात के बीच मध्य प्रदेश सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह वीडियो तब का है जब मंत्री प्रभावित इलाके का दौरा कर लौट रहे थे। एक टीवी रिपोर्टर ने उनसे सवाल किया कि निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले पीड़ितों के बिलों का भुगतान क्यों नहीं किया गया और अब तक साफ पानी की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई। सवाल सुनते ही मंत्री नाराज हो गए और उन्होंने रिपोर्टर को ‘फोकट सवाल’ पूछने की नसीहत दी। जब रिपोर्टर ने जवाब पर जोर दिया, तो मंत्री के मुंह से आपत्तिजनक शब्द निकल गए, जो कैमरे में रिकॉर्ड हो गए। इस वीडियो ने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी।

वायरल वीडियो के बाद सफाई और खेद, लेकिन सवाल बरकरार

सोशल मीडिया पर आलोचना बढ़ने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बयान जारी कर अपने शब्दों पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि वे और उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना आराम किए प्रभावित इलाके में काम कर रहे हैं। मंत्री के मुताबिक इस दौरान कुछ लोगों की जान चली गई और कई परिवार गहरे दुख में हैं, ऐसे भावनात्मक हालात में उनसे गलत शब्द निकल गए। हालांकि, मंत्री की सफाई के बावजूद विपक्ष और आम लोगों के सवाल खत्म नहीं हुए। लोग यह जानना चाहते हैं कि दूषित पानी की जिम्मेदारी किसकी है, लापरवाही पर कार्रवाई कब होगी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा कब मिलेगा।

कांग्रेस का हमला, इस्तीफे की मांग और सरकार पर दबाव

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वायरल वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि जहरीले पानी से मरने वालों की संख्या 10 तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बीजेपी नेताओं पर संवेदनहीनता और अहंकार का आरोप लगाया और कहा कि जनता त्रासदी से जूझ रही है, जबकि मंत्री सवाल पूछने वालों को अपशब्द कह रहे हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से नैतिक आधार पर कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लेने की मांग की है। वहीं मुख्यमंत्री ने हालात को ‘आपातकाल जैसी स्थिति’ बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बावजूद इसके, इंदौर में यह मुद्दा अब सिर्फ स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है।

 

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