स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को सीधी और कड़ी चेतावनी दी। पीएम मोदी ने कहा, “भारत ने तय कर लिया है, खून और पानी साथ नहीं बहेंगे” — यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब अपनी सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा। उनके भाषण में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र भी हुआ, जिसे उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई की संज्ञा दी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से आतंक और अशांति की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का रहस्य और असर
पीएम मोदी ने खुलासा किया कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने अपनी सेना को ‘खुली छूट’ दे दी थी। इसके बाद से पाकिस्तान में हुए घटनाक्रम ने वहां की सत्ता को हिला कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की नींद अब भी उड़ी हुई है, और वहां लगातार तबाही और अराजकता के नए-नए खुलासे हो रहे हैं। हालांकि पीएम मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सभी पहलुओं का खुलासा नहीं किया, लेकिन उनके लहजे और शब्दों से साफ था कि यह पाकिस्तान के लिए एक कड़ा सबक बन चुका है। देशभर में इस ऑपरेशन को लेकर उत्सुकता और गर्व की भावना है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है।
देशवासियों में जोश और संदेश का असर
प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने देशवासियों में एक नई ऊर्जा और जोश भर दिया है। लोग सोशल मीडिया पर ‘खून और पानी साथ नहीं’ का नारा ट्रेंड कर रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का सख्त और स्पष्ट संदेश न केवल पाकिस्तान बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी भारत की दृढ़ नीति का संकेत देता है। पीएम मोदी का यह ऐलान भारत की विदेश नीति और रक्षा रणनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। लाल किले से दी गई यह चेतावनी आने वाले दिनों में दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक समीकरण बदलने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
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