दिल्ली विधानसभा का माहौल शुक्रवार को अचानक भावुक हो गया, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन में बोलते-बोलते भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने खुलकर कहा कि उनसे अगर कभी अनजाने में कोई शब्द गलत निकल जाता है, तो आम आदमी पार्टी उसे मुद्दा बनाकर सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके एक शब्द पर मीम बनाए जाते हैं, उनका उपहास किया जाता है और यह सब उन्हें अंदर से बहुत आहत करता है। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि वह भी इंसान हैं और उनसे भी गलती हो सकती है, लेकिन हर गलती को जानबूझकर अपमान में बदल देना गलत है। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि राजनीति में आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन निजी स्तर पर मजाक उड़ाना और महिला मुख्यमंत्री को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनके इस बयान के दौरान सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
‘महिला मुख्यमंत्री होना कुछ लोगों को खटकता है’ – रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में यह सवाल भी उठाया कि क्या आज भी समाज का एक वर्ग यह मानने को तैयार नहीं है कि एक महिला दिल्ली जैसे बड़े राज्य को चला सकती है। उन्होंने कहा कि जब वह AQI को गलती से AIQ बोल देती हैं, तो विपक्ष इसे उनकी योग्यता से जोड़ देता है। सीएम ने कहा कि यह केवल शब्दों की गलती नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व के प्रति एक सोच को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को यह स्वीकार नहीं हो पा रहा कि दिल्ली की कमान आज एक महिला के हाथ में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वह किसी शब्द में चूक जाती हैं तो यह अनजाने में होता है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर ऐसे बयान देता है, जिनसे समाज में भ्रम और तनाव पैदा होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस होनी चाहिए, लेकिन सम्मान के साथ।
भ्रष्टाचार और ‘शीशमहल’ का मुद्दा, AAP पर सीधा हमला
रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में आम आदमी पार्टी के पुराने वादों को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले कहा गया था कि न गाड़ी ली जाएगी, न बंगला और न ही कोई सरकारी सुविधा, लेकिन सत्ता मिलते ही सब कुछ बदल गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से निकली पार्टी ने खुद भ्रष्टाचार का रास्ता अपनाया। उन्होंने ‘शीशमहल’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह जनता के भरोसे के साथ धोखा है। सीएम ने कहा कि उनसे तो एक शब्द की गलती हो गई, लेकिन विपक्ष ने जानबूझकर ऐसे फैसले लिए, जिनका बोझ दिल्ली की जनता उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब सब समझ रही है और सच्चाई ज्यादा समय तक छिपाई नहीं जा सकती।
सिख गुरुओं के सम्मान पर सख्त रुख, विपक्ष को चेतावनी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में सिख गुरुओं के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने सिख गुरुओं के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि उनकी गलतियां अनजाने में हुई थीं, लेकिन विपक्ष की गलतियां सोच-समझकर की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिख गुरुओं का अपमान सिर्फ एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का अपमान है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन धार्मिक और सामाजिक सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। उनके इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
