Chandrashekhar Azad: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में गठबंधन को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने मुजफ्फरनगर में अपने राजनीतिक इरादे साफ करते हुए कहा कि गठबंधन के सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने इंडिया गठबंधन के दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया। चंद्रशेखर का कहना है कि चुनाव में विपक्षी वोटों का बंटवारा रोकना जरूरी है। उन्होंने इसके लिए अलग-अलग वर्गों के बीच जाकर माहौल समझने की बात भी कही। उनके मुताबिक, किसानों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच राजनीतिक समीकरण को समझने के लिए उन्होंने एक महीने का समय मांगा है। इसके बाद वह आगे की रणनीति के बारे में जानकारी देंगे।
अखिलेश यादव की पार्टी पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने ऐसा जवाब दिया, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि समाजवादी पार्टी मिलकर भाजपा को हराने के बजाय अकेले चुनाव लड़ना पसंद करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं। मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने वोटों के बंटवारे को अहम मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी को पिछले उपचुनाव में करीब 24 हजार वोट मिले थे। उनका मानना है कि अगर विपक्षी वोट एकजुट होते हैं, तो चुनावी नतीजों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि मतदाता किसी एक पार्टी की जागीर नहीं हैं और राजनीतिक दलों को जनता के बीच काम करके अपना समर्थन हासिल करना होगा।
गन्ने का भाव 600 रुपये करने की मांग
मुजफ्फरनगर में चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने गन्ने के दाम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब चीनी का भाव 60 रुपये तक हो सकता है, तो किसानों को गन्ने का उचित मूल्य देने में परेशानी क्यों है। उन्होंने गन्ने का भाव 600 रुपये करने की मांग उठाई और सरकार से इस विषय पर जवाब मांगा। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, मुफ्त शिक्षा, अस्पतालों में अच्छी चिकित्सा व्यवस्था और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत बताई। चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने सवाल किया कि जब केंद्र और राज्य में सरकार है, तो इन बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में बाधा क्या है। उनके बयान से साफ है कि वह आगामी चुनाव में किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों को अपनी राजनीतिक रणनीति का प्रमुख हिस्सा बनाना चाहते हैं।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग करते हुए ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने की बात कही। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता की आशंकाओं को दूर करना जरूरी है। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराने से बच रही है और दावा किया कि विपक्ष को जनता का समर्थन मिल सकता है। चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने आगामी एमएलसी चुनाव के नतीजों को भी विपक्ष की राजनीतिक ताकत समझने का एक जरिया बताया। उनके इन बयानों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आगामी विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी किसी बड़े गठबंधन का हिस्सा बनेगी या अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी? फिलहाल चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने अपने विकल्प खुले रखे हैं, ऐसे में आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं।
