UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को एक अनपेक्षित लेकिन सकारात्मक मोड़ आया, जब बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की मुखिया मायावती ने योगी आदित्यनाथ सरकार के एक निर्णय का समर्थन किया। मामला कानपुर स्थित ‘बुद्धा पार्क’ का है, जिसे ‘शिवालय पार्क’ नाम देने का प्रस्ताव किया गया था। लेकिन भारी विरोध के चलते योगी सरकार ने यह प्रस्ताव वापस ले लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद दिया और कहा कि ऐसे फैसलों से समाज में सौहार्द बना रहता है और साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति नहीं बनती।
मायावती ने दी सामाजिक संतुलन बनाए रखने की सलाह
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी बयान में मायावती ने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक या धार्मिक स्थल का नाम बदलने से पहले उस स्थान से जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुद्धा पार्क का नाम बदलने से दलितों और बौद्ध अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचती, जिससे समाज में आपसी टकराव की स्थिति पैदा हो सकती थी। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को “सही समय पर लिया गया सकारात्मक कदम” बताया।
राजनीतिक संकेत और आगे की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि मायावती का यह बयान केवल एक साधारण प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों को देखते हुए एक रणनीतिक संदेश भी हो सकता है। एक ओर वह अपने परंपरागत दलित और बौद्ध वोट बैंक को यह दिखाना चाहती हैं कि वह उनके हितों के लिए सजग हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपने लहजे में कटाक्ष की बजाय सौम्यता रखकर एक परिपक्व राजनीतिक संकेत भी दिया है। वहीं योगी सरकार का यह फैसला यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार अब नाजुक सामाजिक विषयों को लेकर अधिक संवेदनशील हो गई है।
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