हाल के दिनों में भारतीय हवाई अड्डों पर मचे कोहराम और उड़ानों में हुई भारी देरी ने यात्रियों के सब्र का इम्तिहान ले लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल होती शिकायतों और यात्रियों के गुस्से को देखते हुए, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने अब एक ऐसा कदम उठाया है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। कंपनी ने संकट के समय सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले यात्रियों को ₹10,000 का ‘जेस्चर ऑफ केयर’ (Gesture of Care) वाउचर देने की घोषणा की है। यह फैसला न केवल यात्रियों के नुकसान की भरपाई करने की एक कोशिश है, बल्कि एयरलाइन की खराब हुई छवि को सुधारने का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक भी माना जा रहा है। इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की संतुष्टि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
किन खुशकिस्मत यात्रियों को मिलेगा ₹10,000 का फायदा?
इंडिगो का यह मुआवजा हर यात्री के लिए नहीं है, बल्कि इसके लिए एक खास समय सीमा और मानदंड तय किए गए हैं। एयरलाइन के मुताबिक, यह वाउचर केवल उन यात्रियों को दिया जाएगा जो 3 दिसंबर की दोपहर से लेकर 5 दिसंबर की रात के बीच अपनी यात्रा पूरी नहीं कर पाए थे या हवाई अड्डों पर घंटों फंसे रहे थे। कंपनी ने उन विशिष्ट उड़ानों (Fights) की पहचान कर ली है जो इस दौरान सबसे अधिक प्रभावित हुई थीं। यदि आप भी उन चुनिंदा फ्लाइट्स का हिस्सा थे जिन्होंने तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य परिचालन बाधा के कारण भारी असुविधा झेली थी, तो आप इस मुआवजे के हकदार हो सकते हैं। इंडिगो का कहना है कि यह वाउचर उन यात्रियों के प्रति एक आभार है जिन्होंने संकट के समय धैर्य बनाए रखा।
मुआवजा पाने का क्या है पूरा प्रोसेस और कब तक आएगा मैसेज?
इंडिगो ने इस प्रक्रिया को बेहद सुचारू बनाने की योजना बनाई है ताकि यात्रियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। 26 दिसंबर से एयरलाइन की डेडिकेटेड टीम उन यात्रियों से सीधे संपर्क करना शुरू करेगी जिनके फोन नंबर और ईमेल आईडी उनके डेटाबेस में दर्ज हैं। अगर आपने टिकट सीधे इंडिगो की वेबसाइट या ऐप से बुक की थी, तो आपको जल्द ही एक आधिकारिक सूचना मिलेगी। हालांकि, जिन यात्रियों ने ट्रैवल एजेंटों या थर्ड-पार्टी वेबसाइटों के माध्यम से बुकिंग की थी, उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। एयरलाइन इन एजेंटों से यात्रियों का विवरण मांग रही है ताकि सही व्यक्ति तक मुआवजा पहुँचाया जा सके। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि उनकी टीम हर प्रभावित यात्री तक पहुँचने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
अगर 1 जनवरी तक नहीं आया संपर्क, तो खुद ऐसे करें क्लेम
कई यात्रियों को यह चिंता है कि यदि एयरलाइन उनसे संपर्क नहीं कर पाई तो क्या उनका पैसा डूब जाएगा? इसके लिए इंडिगो ने एक बैकअप प्लान तैयार किया है। एयरलाइन ने घोषणा की है कि यदि 1 जनवरी तक किसी पात्र यात्री को कंपनी की ओर से कोई मैसेज या ईमेल प्राप्त नहीं होता है, तो वे एक विशेष वेबपेज (Dedicated Webpage) लाइव करेंगे। इस पोर्टल पर जाकर यात्री अपनी फ्लाइट की डिटेल, पीएनआर (PNR) नंबर और अन्य जरूरी जानकारी साझा करके खुद वाउचर के लिए दावा (Claim) कर सकेंगे। यह डिजिटल प्रक्रिया यात्रियों को अपनी बात रखने और अपना हक पाने का एक सीधा मंच प्रदान करेगी। इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे तब तक थोड़ा धैर्य और बनाए रखें।
