पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी माहौल तेजी से गर्म होता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरुलिया में आयोजित एक चुनावी रैली में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी लोगों की खान-पान की स्वतंत्रता पर रोक लगाना चाहती है। ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग यह तय करना चाहते हैं कि कौन क्या खाए, लेकिन बंगाल की संस्कृति में ऐसी सोच को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी का एजेंडा समाज को बांटने का है, जबकि उनकी पार्टी सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।
बीजेपी शासित राज्यों पर भी साधा निशाना
रैली के दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी शासित राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अक्सर सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की खबरें सामने आती रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदायों का शोषण किया जा रहा है और महिलाओं की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ममता ने यह भी कहा कि बीजेपी नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उनके अनुसार, असली जवाबदेही बीजेपी को देनी चाहिए, क्योंकि देश के कई हिस्सों में उनकी नीतियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चुनाव की तारीखें और वोटर्स का गणित
West Bengal Assembly Election 2026 के तहत राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बार चुनाव में करीब 7 करोड़ मतदाता हिस्सा लेने वाले हैं, जिनमें लगभग 3.6 करोड़ पुरुष और 3.4 करोड़ महिला वोटर शामिल हैं। इसके अलावा 1402 थर्ड जेंडर मतदाता भी इस चुनाव में भाग लेंगे। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
पिछले चुनाव का प्रदर्शन और मौजूदा माहौल
अगर पिछले चुनाव यानी 2021 की बात करें, तो तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटों के साथ बड़ी जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 77 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। उस जीत के साथ ममता बनर्जी ने लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस बार भी दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में विकास, सामाजिक मुद्दे और क्षेत्रीय पहचान जैसे विषय अहम भूमिका निभाएंगे। ममता बनर्जी के हालिया बयान ने चुनावी बहस को और तेज कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की संभावना है।
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