हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने ऐसा बयान दिया, जो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद करते हुए उन्होंने एक सवाल पूछा – “बताओ, अंतरिक्ष में सबसे पहले कौन गया था?” बच्चों ने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन अनुराग ठाकुर ने खुद ही जवाब देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा, “अंतरिक्ष में सबसे पहले तो भगवान हनुमान गए थे, जब वो सूर्य को फल समझकर निगलने चले थे।” इस बयान के बाद हॉल में हंसी और तालियों की आवाजें गूंज उठीं, लेकिन अब यह वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है।
हनुमान को बताया गया पहला अंतरिक्ष यात्री
अनुराग ठाकुर के इस बयान पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोग इसे भारतीय पौराणिक इतिहास को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने वाला पल मान रहे हैं, तो कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या बच्चों के सामने विज्ञान और पौराणिक कथाओं का संतुलन बनाना ज़रूरी नहीं है? यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी राजनेता ने धार्मिक संदर्भों को विज्ञान से जोड़ा हो। अनुराग ठाकुर ने अपने बयान में यह भी कहा कि हमारी संस्कृति और धर्मग्रंथों में ऐसे कई संकेत हैं, जो आधुनिक विज्ञान से मेल खाते हैं।
पवनसुत हनुमान जी…पहले अंतरिक्ष यात्री। pic.twitter.com/WO5pG2hAqT
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) August 23, 2025
पवनसुत हनुमान जी…पहले अंतरिक्ष यात्री। pic.twitter.com/WO5pG2hAqT
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क्या ऐसे बयानों से बच्चों में भ्रम पैदा होगा?
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को प्रेरित करना था, लेकिन अनुराग ठाकुर की टिप्पणी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कई शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह के उदाहरणों से बच्चों की सोच पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जब उन्हें विज्ञान के तथ्यों की समझ दी जा रही हो। दूसरी ओर, समर्थकों का तर्क है कि भारतीय संस्कृति को मज़ाक में नहीं लेना चाहिए और ऐसे संदर्भों से बच्चों को अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिलता है। फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
