Sunday, February 1, 2026
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‘अगर हिम्मत है तो मेरे पैर काटकर दिखाओ!’ – राज ठाकरे की धमकी पर अन्नामलाई का फटकार भड़का विवाद

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महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनावों से पहले राजनीति का तापमान तेजी से बढ़ गया है। बीएमसी, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ समेत अन्य नगर निगमों की वोटिंग 15 जनवरी को होगी और राजनीतिक दल अब जोर-शोर से अपने प्रचार में जुटे हैं। इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे के विवादित बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बीजेपी नेता अन्नामलाई को ‘रसमलाई’ कहकर मुंबई से जुड़े मुद्दों पर बोलने के अधिकार पर सवाल उठाया। इस बयान ने सीधे अन्नामलाई को चुनौती देने वाली स्थिति पैदा कर दी, जिससे दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी का खुला संघर्ष शुरू हो गया।

अन्नामलाई का जबरदस्त जवाब, धमकी पर भड़के नेता

चेन्नई में अन्नामलाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज ठाकरे के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कई धमकियां मिली हैं, जिसमें उनके पैर काटने की भी धमकी शामिल है। अन्नामलाई ने कहा, “मैं मुंबई आऊंगा और देखो, अगर हिम्मत है तो मेरे पैर काटकर दिखाओ। अगर मैं इन धमकियों से डरता तो अपने गांव में ही रहता।” उन्होंने अपने किसान बेटे होने पर गर्व जताया और कहा कि उन्हें नहीं पता कि वे अब इतना महत्वपूर्ण क्यों बन गए हैं। अन्नामलाई ने यह भी सवाल उठाया कि मुंबई जैसी इंटरनेशनल सिटी को महाराष्ट्र के लोग नहीं बनाते? यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से मुंबई के स्थानीय मुद्दों और राज ठाकरे के मुंबई पर फोकस को चुनौती देने वाली थी।

भाषा, नकली हिंदुत्व और मुंबई का मुद्दा

राज ठाकरे ने अपने भाषण में केवल अन्नामलाई पर ही हमला नहीं किया, बल्कि मुंबई में भाषा और संस्कृति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर बिहार और यूपी से आए लोग हिंदी थोपने की कोशिश करेंगे तो उन्हें लात मारकर भगा देंगे। ठाकरे ने साफ किया कि वे भाषा से नफरत नहीं करते, लेकिन जब कोई इसे थोपने की कोशिश करेगा तो उनका रुख सख्त होगा। इसके अलावा, ठाकरे ने बीजेपी पर नकली हिंदुत्व का भी आरोप लगाया और कहा कि मुंबई पर आने वाले खतरे के कारण उन्होंने और उद्धव ठाकरे ने मराठी मानुष और महाराष्ट्र के हित में अपने मतभेद भुला दिए हैं। उन्होंने बीएमसी चुनाव को मराठी मानुष के लिए आखिरी मौका बताते हुए जनता से एकजुट होने की अपील भी की।

नगर निगम चुनाव की तैयारी और राजनीतिक माहौल

महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने राज्यभर में 29 नगर निगमों के चुनाव की घोषणा कर दी है। इन नगर निगमों में पुणे, बृहन्मुंबई और पिंपरी-चिंचवड़ प्रमुख हैं। वोटिंग 15 जनवरी को होगी और वोटों की गिनती 16 जनवरी को। चुनावों से पहले राज ठाकरे और अन्नामलाई के बीच जारी बयानबाजी से स्पष्ट है कि राजनीतिक तापमान बेहद उच्च है। दोनों नेताओं के बयान और उनकी नीतियां सीधे-सीधे स्थानीय मतदाताओं और महाराष्ट्र की राजनीति पर असर डाल सकती हैं। इस माहौल में वोटर अपनी पसंद के अनुसार फैसले लेने के लिए सजग हैं, जबकि राजनीतिक दल सक्रिय रूप से जनता को प्रभावित करने के प्रयास में लगे हैं।

 

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