Homeराजनीतिसदन में महिला पीएम को लेकर अखिलेश यादव का चौंकाने वाला बयान,...

सदन में महिला पीएम को लेकर अखिलेश यादव का चौंकाने वाला बयान, कहा- ‘अगर BJP लिखकर भी दें तो भी मैं…’

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव के बयान से सियासत गरमा गई। जानिए कैसे बदला सदन का माहौल और क्या बोले अमित शाह।

-

लोकसभा में परिसीमन, संविधान संशोधन और महिला आरक्षण बिलों पर चर्चा के दौरान माहौल काफी गर्म हो गया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसमें कई बार सहमति बनती दिखी, लेकिन आखिरी वक्त पर स्थिति बदल गई। चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बयान पूरे सदन में सुर्खियों का केंद्र बन गया। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे को और अधिक राजनीतिक बहस में बदल दिया।

अमित शाह का बड़ा बयान

गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान कहा कि सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर है और चाहती है कि संसद में सहमति बने। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अगर विपक्ष सहमत होता है तो सरकार 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के लिए तैयार है और इसके लिए संशोधन भी किया जा सकता है। शाह ने यह भी कहा कि सरकार किसी भी तरह की राजनीतिक चालबाजी नहीं कर रही है और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे देशहित में इस बिल का समर्थन करें ताकि महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके।

चर्चा में अखिलेश यादव का बयान

इसी चर्चा के बीच अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले अनुभवों को देखते हुए उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं है। उन्होंने सदन में कहा कि अगर बीजेपी लिखकर भी दे दे कि वह भविष्य में महिला प्रधानमंत्री बनाएगी, तब भी वह भरोसा नहीं करेंगे। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक बदल गया और सत्ता पक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष अगर समर्थन नहीं करेगा तो बिल पारित नहीं हो पाएगा, लेकिन देश की महिलाएं यह सब देख रही हैं और आने वाले चुनावों में जवाब देंगी।

आरक्षण, परिसीमन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

बहस के दौरान परिसीमन और जनगणना को लेकर भी तीखी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने सरकार से मांग की कि वह लिखित रूप में यह स्पष्ट करे कि सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटों की वृद्धि होगी और 2026 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू किया जाएगा। वहीं सरकार ने इस मांग को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। गृह मंत्री ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान में नहीं है और इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह जनता को भ्रमित कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने महिला आरक्षण बिल को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

Read More-महिला आरक्षण बिल पास न होने पर फूटा अपर्णा यादव का गुस्सा, सपा कांग्रेस का झंडा जलाते हुए कहा- ‘देश कभी भी तुम्हें…’

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts